New Covid Variant: जयपुर में 24 घंटे में कोरोना पॉजिटिव हुए डबलः हेल्थ सेक्रेटरी बोले- बढ़ सकते हैं मरीज, पैनिक की स्थिति नहीं
<p><em><strong>New Covid Variant: China और जापान में फिर से कोरोना फैलने के बाद राजस्थान भी अलर्ट मोड पर आ गया है। केन्द्र सरकार के निर्देश जारी होने के बाद प्रदेश के हेल्थ डिपार्टमेंट ने सभी जिला कलेक्टर्स को पॉजिटिव आ रहे मरीजों की जीनोम सिक्वेंसिंग करवाने के लिए कहा है।</strong></em></p>
Corona मैनेजमेंट के लिए बुलाई बैठक में हेल्थ सेक्रेटरी पृथ्वी सिंह ने नए वैरिएंट के कारण मरीज बढ़ने की आशंका व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी और आने वाले कुछ समय तक पैनिक जैसी कोई स्थिति नहीं है।
हालांकि, शुक्रवार को जयपुर में 19 corona positive मिले हैं। सबसे ज्यादा 5 मरीज बस्सी में मिले हैं। वहीं, गुरुवार को 10 केस सामने आए थे। जयपुर में एक्टिव corona positive की संख्या 71 हो गई है।
सिंह ने बताया कि कोविड भी एक तरह का इन्फ्लुएंजा है और पहले फेज के बाद वैक्सीनेशन और इन्फेक्शन की वजह से जो लोगों में नैचुरल इम्युनिटी बनी थी। उसके बाद जो लोग दूसरे फेज में पॉजिटिव आए उनकी सीवियरिटी ज्यादा नहीं थी। ओमिक्रॉन के समय हमारे आरयूएचएस में 100 बेड भी नहीं भरे थे।
100 बेड कोविड मरीजों के लिए रिजर्व
हमने 100 बिस्तार COVID मरीजों के लिए रिजर्व कर रखे हैं और पिछले 15 दिन में एक भी एडमिशन नहीं आया है। तो वो सब स्थिति एक्सपीरियंस को देखकर एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि ऐसी पहले फेज जैसी स्थिति शायद अब नहीं आएगी। नंबर ऑफ केस जरूर बढ़ सकते है, लेकिन सीवियरिटी नहीं आएगी।
राजस्थान अभी सुरक्षित
उन्होंने कहा कि राजस्थान में वर्तमान में टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 0.1 फीसदी है, जो बहुत ही कम है। एक्सपर्ट्स मानते है कि जब 5 फीसदी तक पॉजिटिविटी रेट पहुंचती है तो चिंता का विषय होती है। ये भी उस पर डिपेंड करता है कि सेंपल की संख्या क्या है? आज हमारे यहां देश में सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन हुआ है, जिससे लोगों में अच्छी इम्युनिटी डवलप है।
क्या होती है जीनोम सीक्वेंसिंग
जीनोम सीक्वेंसिंग एक तरह से किसी वायरस का बायोडाटा निकालने का तरीका है। इससे यह पता चलता है कि वायरस का कौन सा वैरिएंट अभी फैल रहा है। Corona के जिस सबसे घातक वैरिएंट को लेकर कई देश सहमे हुए हैं, वो फिलहाल राजस्थान में भी तो कहीं नहीं पहुंच गया, इसके लिए डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी डॉ. पृथ्वी ने पॉजिटिव केस की जीनोम सिक्वेंसिंग के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी सीएमएचओ को सैंपल भिजवाने के लिए कहा है ताकि कोरोना का कोई अगर नया वैरिएंट मिलता है तो उसे डिटेक्ट कर लोगों को अलर्ट किया जा सके।
अब तक Omicron के ही वैरिएंट
जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज की माइक्रो बायोलॉजी लैब में अभी जीनोम सीक्वेंसिंग करवाई जा रही है। पिछले 3-4 माह से हर महीने 70 से 80 सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। कॉलेज में माइक्रो बायोलॉजी की एचओडी और सीनियर प्रोफेसर डॉ. भारती मल्होत्रा ने बताया कि पिछले 5-7 महीने से जितने भी सीक्वेंसिंग किए गए है उनमें ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट डिटेक्ट हो रहे हैं।
शॉर्ट सीरो सर्वे से जानेंगे जनता की इम्युनिटी
एसएमएस मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी की एचओडी डाॅ. भारती मल्होत्रा ने बताया कि हम जल्द ही शॉर्ट सीरो करने जा रहे हैं। यह जयपुर बेस होगा, जिसमें हेल्थ केयर वर्कर्स के अलावा जनरल पब्लिक के ब्लड सैंपल लेकर उनकी इम्युनिटी स्टेटस को चैक किया जाएगा। इस सर्वे की रिपोर्ट जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह तक जारी कर दी जाएगी। इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर हम आगे की प्लानिंग करेंगे कि कोरोना की बूस्टर डोज का प्रोग्राम कैसे सेट करना है और आने वाली वेव से बचने के लिए क्या तैयारियां करनी है।
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