रखो अपनी इलेक्ट्रिक कार...भारत में नहीं मिलेगी एंट्री ! चीन के मेगाप्लान को मोदी सरकार ने किया खारिज

<p><em><strong>चीन की दिग्गज इलेक्ट्रिक कार कंपनी बीवाईडी भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करना चाहती थी। कंपनी इसके लिए हैदराबाद बेस्ड मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ साझेदारी करके भारत में एक प्लांट लगाना चाहती थी। अब कंपनी के इस मेगाप्लान को बड़ा झटका लगा है।</strong></em></p>

रखो अपनी इलेक्ट्रिक कार...भारत में नहीं मिलेगी एंट्री ! चीन के मेगाप्लान को मोदी सरकार ने किया खारिज
23-07-2023 - 10:32 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

चीन की दिग्गज इलेक्ट्रिक कार कंपनी बीवाईडी को बड़ा झटका लगा है। बीवाईडी ने भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करने का प्रस्ताव रखा था। चीन की इलेक्ट्रिक कार कंपनी बीवाईडी (ठल्क्) हैदराबाद बेस्ड मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ साझेदारी करके भारत में एक प्लांट लगाना चाहती थी। लेकिन अब कंपनी के इस प्लान पर पानी फिर गया है। केंद्र की मोदी सरकार ने चीन की इलेक्ट्रिक कार कंपनी बीवाईडी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके पीछे की वजह सुरक्षा बताई जा रही है।
भारत में पैर जमाने की कोशिश में कंपनी
चीनी इलेक्ट्रिक कंपनी भारत में तेजी से पैर जमाने की कोशिश में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के निवेश प्रस्ताव का आकलन करने के लिए डीपीआईआईटी ने विभिन्न विभागों से इनपुट मांगा था। चर्चा के दौरान भारत में चीनी निवेश से संबंधित सुरक्षा मुद्दों पर चिंताएं उठाई गईं। बीवाईडी मामले में सरकार की भी ऐसी ही चिंताएं थीं, जो अब सामने आ गई हैं। 
सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया गया
रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए सीमा पार के प्लेयर्स को भारतीय बाजार से बाहर रखने के सरकार के रुख के मद्देनजर चीनी कंपनियों के प्रवेश को लेकर गृह और विदेश मंत्रालय में बेचैनी है। विदेशी कंपनियों के भारत में कदम रखने के लिए स्थानीय कंपनियों के साथ करार करना होता है। कुछ मामलों में ऐसा देखा गया है कि स्थानीय कंपनियां डमी की तरह होती हैं। बीवाईडी मामले में सरकार की भी ऐसी ही चिंताएं थीं। इसके चलते केंद्र सरकार ने इसे खारिज कर दिया है। 
क्या था कंपनी का प्लान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी इलेक्ट्रिक कंपनी ने प्रस्ताव दिया था कि वह सालाना 10,000-15,000 इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करेगी। बिक्री के मामले में दुनिया की अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी पहले ही भारत में दो मॉडल पेश कर चुकी है। इसके अलावा बीवाईडी अपनी इलेक्ट्रिक बसों के लिए सहायक कंपनी ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक को तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। बता दें कि ओलेक्ट्रा को 2,000 बसों का ऑर्डर मिला है, जिसका मूल्य 3,000-3,500 करोड़ रुपये है, जिसे वह अगले 12-18 महीनों के भीतर पूरा करने की प्लानिंग कर रही है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।