कनाडा में खालिस्तानियों को मिल रहा सरकार से संरक्षण: भारत के सारे अनुरोध ठंडे बस्ते में
<p><em><strong>कनाडा में सरकार खालिस्तानियों को पनपने का पूरा मौका दे रही है और वह उन्हें नाराज नहीं करना चाहती है। यह दावा करते हुए खुफिया सूत्रों ने बड़ा खुलासा किया है। सूत्रों का दावा है कि कनाडा के अफसरों के पास कार्रवाई के लिए कई पत्र और डिपोर्ट करने का अनुरोध लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।</strong></em></p>
कनाडा की सरकार फिलहाल खालिस्तानी तत्वों की मदद कर रही है। वह उन पर कार्रवाई नहीं करना चाहती है। साथ ही, खालिस्तानियों को पनपने का मौका दे रही है। यह गंभीर खुलासा खुफिया सूत्रों ने किया है। उनका कहना है कि तमाम कोशिशों के बावजूद कनाडा सरकार के अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक कनाडाई सरकार घरेलू निर्वाचन क्षेत्र को खुश करने के लिए खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ने की इजाजत दे रही है। इसके पीछे का विचार एक बड़े कार्यबल को बनाए रखना और अपने निहित स्वार्थों को बढ़ावा देना है।
युवाओं के लिए बुन रहे जाल
सूत्रों ने कहा, कनाडा के अफसर, मूल रूप से 1984 के बाद पैदा हुई पीढ़ी के लिए खालिस्तान, ऑपरेशन ब्लू स्टार और जरनैल सिंह भिंडरावाले के विचार को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चरमपंथियों ने कनाडा के भीतर एक बड़ी आतंकी ताकत खड़ी कर ली है और वहां से हत्याएं, बम विस्फोट और गैर-राज्य गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
राजनीतिक चैनल हो रहे विफल
एक अधिकारी ने कहा कि राजनयिक चैनल इस मुद्दे पर बार-बार विफल रहे हैं और वर्तमान सरकार किसी भी मामले में हमारी मदद करने के लिए तैयार नहीं है। सूत्रों ने कहा कि कनाडा के अधिकारियों के पास कई रिक्वेस्ट लेटर और डिपोर्ट करने के अनुरोध लंबित हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इंदिरा की हत्या वाली झांकी से भारत नाराज
कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या का ‘जश्न’ मनाने वाली एक झांकी 4 जून को घुमाई गई थी। इसको लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। भारत सरकार का कहना है ऐसी झांकी को मंजूर नहीं किया जा सकता। कनाडा में खालिस्तानी तत्व केवल विरोध प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि कथित तौर पर वे भारत में हमले और हिंसा की साजिश कर रहे हैं और कई मामलों की जांच भारतीय एजेंसियां कर रही हैं।
कनाडा से अपराधी दे रहे भारत में हत्याओं को अंजाम
सूत्रों ने बताया कि कनाडा में बैठे वांछित आरोपी पंजाब और भारत के अन्य हिस्सों में हत्याओं और आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली और पंजाब की जेलों में बंद गैंगस्टरों की मदद से इन कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादी गुर्गों और खालिस्तान समर्थक तत्वों के प्रत्यर्पण और निर्वासन के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के कई अनुरोध कनाडाई सरकार के पास लंबित हैं, लेकिन वह किसी भी जांच में सहयोग करने के लिए तैयार नहीं है।
आतंकवाद, हत्या और कई अपराधों में वांटेड हैं अपराधी
सूत्रों ने बताया कि ये आरोपी आतंकवाद, हत्या और अन्य संबंधित अपराधों के मामलों में वांछित हैं। सूत्रों ने कहा कि इनमें से एक बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के सदस्य लखबीर सिंह संधू उर्फ लांडा (मूल रूप से पंजाब के तरनतारन का रहने वाला) के लिए है, जिसके लिए एजेंसी ने 15 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।
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