मोदी सरकार के 5 मेगा प्रोजेक्ट... बदल देंगे भारत की तस्वीर
<p><em><strong>देश में इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विकसित करने के लिए मोदी सरकार ने आने वाले सालों में 110 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।</strong></em></p>
मोदी सरकार ने अपने पिछले नौ साल के कार्यकाल में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने में काफी जोर दिया है। देश में तेजी से हाइवे एक्सप्रेसवे, ब्रिज और रेलवे को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों को तेजी से पूरा करने के लिए पीएम गतिशक्ति जैसी योजनाओं को शुरू किया है, जिससे मंत्रालयों के बीच समन्वय स्थापित किया जा सके। इन्फ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट देने के लिए मोदी सरकार ने 2013-14 के बाद से पूंजीगत खर्च पांच गुना कर दिया है। और आने वाले समय 110 लाख करोड़ रुपये इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खर्च करने का लक्ष्य रखा है।
पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री मोदी ने इन्फ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट पर हुए एक वेबिनार में कहा था कि देश में तेजी से बढ़ता इन्फ्रास्ट्रक्चर 2047 तक भारत को विकसित बनाने में मदद करेगा। ऐसे में उन पांच प्रोजेक्ट्स के बारे में जानना रोचक होगा, जो भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में अहम योगदान देंगे।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से जोड़ने के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को बनाया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे 1380 किलोमीटर लंबा होगा। पूरा बनने के बाद यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। इसका काम जनवरी 2024 तक पूरा हो सकता है। इस साल फरवरी में इस एक्सप्रेस वे के 246 किलोमीटर लंबे सोहना-दौसा-लालसोट खंड को शुरू किया जा चुका है।
चिनाब रेलवे ब्रिज
चिनाब रेलवे ब्रिज केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में बन रहा है। यह उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट का हिस्सा है। 1.3 किलोमीटर लंबे इस ब्रिज के चालू होने के बाद कश्मीर पूरे भारत से जुड़ जाएगा। चिनाब रेलवे ब्रिज एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर (इंडिया), वीएसएल इंडिया और साउथ कोरिया की अल्ट्रा कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग कंपनी का ज्वाइंट वेंचर है। 2023 तक इसके खुलने की संभावना है। इससे कश्मीर में पर्यटन भी बढ़ेगा।
मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक
मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक देश में समुद्र पर बना अब तक का सबसे बड़ा पुल होगा। यह मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ेगा। इससे साउथ मुंबई से नवी मुंबई तक की यात्रा करने का समय घटकर करीब 20 मिनट रह जाएगा। यह पुल भी इस साल के अंत तक खुल सकता है।
कोच्चि वाटर मेट्रो
कोच्चि वाटर मेट्रो एक फेरी ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट है, जिसे कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड की ओर से लॉन्च किया गया है। यह 76 किलोमीटर में फैले 10 द्वीपों को जोड़ेगा। कोच्चि वाटर मेट्रो के पहले फेज का उद्घाटन अप्रैल में पीएम मोदी की ओर से किया गया था।
अंतर्देशीय जल परिवहन
मोदी सरकार का फोकस देश में रिवर सिस्टम के जरिए आवाजाही को बढ़ाने पर है। इसका उद्देश्य देश में ढुलाई लागत को भी कम करना है। सरकार ने 111 नेशनल वाटरवे बनाने की योजना बनाई है, जिसमें अर्ध गंगा प्रोजेक्ट के तहत कई घाटों को यात्रियों और माल ढुलाई के लिए विकसित किया जाना है।
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