टी-20 वर्ल्ड कप में बड़े बदलाव, नए रूल्स हो रहे लागू
<p><em><strong>टी-20 वर्ल्ड कप भी इन बदले हुए नियमों के साथ खेला जाएगा</strong></em></p>
20 सितम्बर 2022 को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने इंटरनेशनल क्रिकेट के कई नियमों में बदलाव किए। 1 अक्टूबर से ये सभी बदलाव इंटरनेशनल क्रिकेट में लागू कर दिए गए हैं। यानी 16 अक्टूबर से आस्ट्रेलिया में शुरू हो रहा टी-20 वर्ल्ड कप भी इन बदले हुए नियमों के साथ खेला जाएगा।
1. स्ट्राइक पर खड़े बैटर के बॉल खेलने का अधिकार
नियम है कि खेल के दौरान बल्लेबाज के बैट के कुछ हिस्से को या बल्लेबाज को पिच के अंदर होना ही होता है। यदि बल्लेबाज पिच से बाहर आ कर बॉल खेलने की कोशिश करता है तो अंपायर उसे डेड बॉल घोषित कर सकता है। यदि कोई गेंद बल्लेबाज को पिच से बाहर आ कर खेलने के लिए मजबूर करती है तो उसे नो बॉल माना जाएगा।
2. फील्डिंग टीम की ओर से कोई अनफेयर मूवमेंट
यदि गेंदबाज रनरअप के दौरान जानबूझकर या गलती से कोई अनफेयर मूवमेंट करता है तो अंपायर पेनल्टी के तौर पर बैटिंग कर रही टीम को 5 पॉइंट दे सकता है। इसके साथ ही उस बॉल को डेड बॉल भी घोषित किया जा सकता है।
3. अब ‘मांकडिंग’ नहीं ‘रनआउट’ माना जाएगा
यदि नॉन-स्ट्राइक एंड पर खड़ा बल्लेबाज क्रीज से बाहर है और गेंदबाज ने तब तक बॉल की डिलीवरी नहीं की है और ऐसे में गेंदबाज नॉन-स्ट्राइकर एंड के स्टंप पर बॉल थ्रो कर दे तो बल्लेबाज आउट माना जाएगा। इसे मांकडिंग कहा जाता था, लेकिन बदले नियमों के हिसाब से इसे रनआउट की श्रेणी में रखा जाएगा।
4. कैच आउट नियम
जब कोई बल्लेबाज कैच आउट होता है तो उसकी जगह पर आने वाला नया बल्लेबाज ही स्ट्राइक लेगा। भले ही कैच होने के दौरान दोनों बल्लेबाज रन लेने के लिए क्रॉस कर रहे हों, लेकिन नए बैटर को स्ट्राइक एंड पर आना जरूरी होगा। इसके पहले तक नया बल्लेबाज नॉन-स्ट्राइक एंड पर आता था।
5. बॉल पॉलिश करने के लिए लार का इस्तेमाल
पिछले 2 साल से इंटरनेशनल क्रिकेट में बॉल पॉलिश करने के लिए लार (सलाइवा) के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक थी। ऐसा कोविड प्रोटोकॉल्स की वजह से किया गया था, लेकिन अब इसे परमानेंट कर दिया गया है। अब कोई भी खिलाड़ी बॉल पॉलिश करने के लिए लार का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
6. डिलीवरी से पहले बल्लेबाज के स्ट्राइक की तरफ बॉल थ्रो
यदि गेंदबाज देखता है कि स्ट्राइक एंड पर खड़ा बल्लेबाज उनके डिलीवरी स्ट्राइड में आने से पहले ही क्रीज से ज्यादा बाहर है तो वो स्ट्राइकर को रन आउट करने के लिए बॉल थ्रो कर सकता था लेकिन अब इस प्रैक्टिस को अमान्य घोषित कर दिया गया है। यदि कोई गेंदबाज ऐसा करता भी है तो इस गेंद को डेड बॉल माना जाएगा। ये प्रैक्टिस आमतौर पर नहीं देखी जाती है।
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