कतर या मिस्र... मिडिल ईस्ट का असली नेता कौन ! इजरायल-हमास की जंग मुस्लिम देशों के वर्चस्व की लड़ाई

<p><em>हमास ने शनिवार को बंधकों के दूसरे ग्रुप को छोड़ दिया। कई घंटों की देरी के बाद हमास ने 13 इजरायली बंधकों को रिहा किया। इजरायल ने तुरंत कह दिया था कि हमास ने डील को तोड़ा है। हालांकि मिस्र ने इसके तुरंत बाद अपने अधिकारियों को हमास के पास भेजा।</em></p>

कतर या मिस्र... मिडिल ईस्ट का असली नेता कौन ! इजरायल-हमास की जंग मुस्लिम देशों के वर्चस्व की लड़ाई
27-11-2023 - 11:19 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

इजरायल और हमास के बीच चार दिनों का युद्ध विराम चल रहा है। इसके बदले हमास इजरायली बंधकों को रिहा कर रहा है। लेकिन शनिवार को हमास की ओर से इजरायली बंधकों के वापस लौटाने में देरी हुई। इस कारण इजरायल की सांसें कई घंटे तक अटकी रही। इजरायल ने तुरंत कह दिया कि हमास ने कतर की मध्यस्थता के जरिए हुए युद्धविराम का उल्लंघन किया है। इस संकट को खत्म करने के लिए मिस्र आगे आया, जिसने बंधकों की रिहाई के लिए हमास पर दबाव बनाया।
मिस्र ने गाजा पट्टी में खुफिया अधिकारी भेजे। यरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी एंड स्ट्रैटेजी में अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र और मध्य पूर्व के प्रमुख डॉ. शाय हर-जवी ने बताया कि आखिर मिस्र का क्या हित है और समझौते को पूरी तरह से लागू करने में वह हमास के खिलाफ कैसे मदद कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘मिस्र का हमास पर काफी प्रभाव है। क्योंकि गाजा पट्टी से बाकी दुनिया में पहुंचने का गेट मिस्र में ही खुलता है। यह एकमात्र मित्र देश है, जो गाजा से जुड़ा है।’
हमास के पास क्यों गया मिस्र
बंधकों को छोड़ने के बाद आखिर मिस्र के अधिकारी हमास के पास क्यों गए? इसे लेकर हर-जवी कहते हैं, ‘वे दिखाना चाहते हैं कि उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। वे दिखाना चाहते हैं कि क्षेत्र में वह एक बड़े खिलाड़ी हैं और इस तरह उन्हें बहुत अधिक प्रतिष्ठा मिलेगी।’ मिस्र का मानना है कि इस पूरे क्षेत्र का नेतृत्व हमास को नहीं दिया जा सकता। मिस्र जानता है कि गाजा में क्या हालात हैं और इसे प्रमुखता भी देता है।
हर किसी से बात करना जानता है कतर
वहीं, कतर के हित का जिक्र करते हुए हर-जवी ने कहा कि वह एक ऐसा देश है, जिसने हाल के वर्षों में खुद को एक ऐसे देश के तौर पर दिखाया है, जिसे हर किसी से बात करना आता है। इसका सबसे अच्छा उदारण पिछले कुछ हफ्तों में देखने को मिला है। कतर ने तब ईरान और अमेरिका की डील कराई थी। ईरान ने तब 6 अरब डॉलर के बदले बंदियों को रिहा किया था। कतर खुद को क्षेत्र के एक प्रमुख खिलाड़ी के तौर पर देखता है, जो अमेरिका के साथ संबंध सुधारने में सफल रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।