उदयपुर में राज्य स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिता का उद्घाटन; मुख्यमंत्री गहलोत ने पदक विजेताओं के लिए खोले सरकारी नौकरी के मौके
<p>राज्य स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिता का उद्घाटन उदयपुर के गांधी ग्राउण्ड में किया गया। राजस्थान सरकार खेलों व खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए लगातार उच्च स्तरीय खेल प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन करवा रही है, जिससे राज्य में आजादी के बाद पहली बार खेलों के लिए सकारात्मक माहौल बना है और एक नई खेल संस्कृति विकसित हुई है।<br /> </p>
ऐसे आयोजनों से खेल प्रतिभाओं को तराशने का काम
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर के गांधी ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों में पहली बार एक साथ 30 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें 10 लाख महिला खिलाड़ी भी थी। इन खेलों में 2.25 लाख टीमें बनी और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति उत्कृष्ट माहौल बना। ग्रामीण ओलंपिक के बाद अब 26 जनवरी से शहरी ओलंपिक खेल प्रारंभ हो रहे हैं। इस प्रकार के आयोजनों से खेल प्रतिभाओं को तलाशने का कार्य किया जा रहा है।
पदक विजेता खिलाडियों के लिए सरकारी नौकरी के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 2 प्रतिशत आरक्षण के साथ आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों का निर्णय राज्य सरकार ने लिया हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि को बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये तक कर दिया गया है। राजस्थान सरकार द्वारा खेल स्पर्धाओं व प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से चिन्हित प्रतिभाओं को अच्छी सुविधाएं, कोच व माहौल उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है, ताकि वे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
उदयपुर में खुलेगा स्पोर्ट्स स्कूल
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जयपुर और जोधपुर की तर्ज पर उदयपुर में भी स्पोर्ट्स स्कूल खोलने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को बाल्यकाल से ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल सकेगा। साथ ही, उन्होंने जनजातीय खिलाड़ियों के लिए एक महीने का विशेष ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ करने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि इस बार का बजट युवाओं और छात्रों को समर्पित होगा। आने वाले बजट में आदिवासी अंचल के विकास के लिए उचित प्रावधान किये जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण शिविरों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने खेल कौशल को निरंतर निखारें ताकि प्रत्येक जिले से उत्कृष्ट खिलाड़ी उभर कर आगे आएं।
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