नए जिले... थोड़ी खुशी, ज्यादा गमः कहीं बाजार बंद-कहीं हाईवे जाम, बीजेपी और संगठनों का विरोध तेज
<p><em><strong>राजस्थान में 19 नए जिले और 3 नए संभागों की घोषणा को लेकर खुशी से ज्यादा विरोध दिखाई दे रहा है। नए जिलों की खुषखबर लेकर पहुंचे जनप्रतिनिधियों का स्वागत 3-4 जगह दिखा। </strong></em></p>
नए जिलों की घोषणा मुख्यमंत्री अषोक गहलोत का मास्टर स्ट्रोक मानी जा रही है। इसके बाद खुद सीएम अशोक गहलोत का कुछ जगह स्वागत हुआ। पीसीसी चीफ गोविंदसिंह डोटासरा का चैमूं और सीकर के इलाकों में स्वागत हुआ। पचपदरा विधायक मदन प्रजापत का चांदी का जूता पहना लोगों ने स्वागत किया, वहीं, डीडवाना में चेतन डूडी के स्वागत में हेलिकाॅप्टर से फूल बरसाए गए। दूसरी तरफ चूरू के सुजानगढ़, भरतपुर के कामां, अलवर में मुंडावर और बहरोड, भिवाड़ी, शाहपुरा, जयपुर, जालोर में भीनमाल और सूरतगढ़ में भारी विरोध दिखा।
मंत्रियों के आवास का घेराव
जिलों की सूची में अपनी मांग पूरी नहीं होने पर तीन जगह मंत्री और विधायकों के आवास घेरे गए। बाजार बंद और हाईवे जाम के हालात बने। सुजानगढ़ में जनहित संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर गांधी चैक पर सभा व प्रदर्शन के बाद लोगों ने विधायक मनोज मेघवाल के आवास का घेराव किया। उन्होंने स्टेट हाईवे व नेशनल हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। भरतपुर में कामां को जिला नहीं बनाने के विरोध में कामां जिला बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक भगवत प्रसाद शर्मा ने संरक्षक, व सदस्यों, कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ. रविन्द्र तरगोत्रा ने भी कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता इस्तीफा दे दिया। सभी दुकानदारों ने बाजार बंद रखकर विरोध जताया।
जाहिदा खान के आवास का घेराव करने के लिए जाने लगे तो पुलिस ने रोक लिया। अलवर में बहरोड़, भिवाड़ी और मुंडावर में कड़ा विरोध सामने आया। बहरोड़ में भाजपा नेताओं ने इसे बहरोड़ की जनता से धोखा बताया। भिवाड़ी में अलवर कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष ब्रह्मप्रकाश यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एक बार पुनर्विचार करने की मांग की।
जालोर के भीनमाल में विधायक पूराराम चैधरी का विरोध किया गया। श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ को जिला बनाने से वंचित करने का आरोप लगा शहरवासी शनिवार को सड़कों पर उतरे व ब्लैकआउट रखा। उन्होंने सीएम गहलोत का पुतला फूंककर गुस्से का इजहार किया।
राजनीतिक गिरदावरी तो जनता ही करेगीः बीजेपी
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि नए जिलों की घोषणा के बाद परेशानी घटने की बजाय बढ़ेगी। यह घोषणा और ओले एक साथ आना जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। ऐसे में कांग्रेस सरकार की राजनीतिक गिरदावरी जनता ही करेगी। नए जिले डीडवाना और कुचामन तथा बहरोड़ और कोटपूतली के बीच मुख्यालय का विवाद खड़ा हो गया है। सांचोर सहित अन्य जगहों को लेकर भी विवाद है। सीएम ने विधायकों के दबाव में जिले बनाए हैं। अगर सीएम जनसंख्या, दूरी, पंचायत समितियों का ध्यान रख जिले बनाते तो जनता को राहत मिलती।
जिलों की घोषणा प्रशासनिक मजबूती लाएगी
इस बीच, आरएएस एसोसिएशन ने 19 नए जिलों एवं 3 नए संभाग की घोषणा पर सीएम अशोक गहलोत का आभार व्यक्त किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव बजाड़ ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में आज तक इतने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की घोषणा नहीं हुई। यह पहला अवसर है, जब जन भावनाओं का सम्मान करते हुए 19 नए जिले और तीन नए संभाग की महत्वपूर्ण घोषणा की है। यह कदम प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रशासनिक ढांचा मजबूत होने के साथ ही विकास की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में आसानी होगी।
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