दुनिया देखेगी भारत की ताकत ! राजस्थान में चिनूक से लेकर अपाचे तक करेंगे ‘त्रिशक्ति प्रहार’

<p><em><strong>भारतीय सेना के इस युद्धाभ्यास में टी-90एस और अर्जुन टैंक के साथ-साथ हॉवित्जर हेलिकॉप्टर और इसी तरह के अन्य सैन्य उपकरण शामिल होंगे। फाइटर जेट, अपाचे अटैक और हेवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर चिनूक सहित वायुसेना और नौसेना के अन्य विमान भी इस वॉर प्रैक्टिस में शामिल होंगे।</strong></em></p>

दुनिया देखेगी भारत की ताकत ! राजस्थान में चिनूक से लेकर अपाचे तक करेंगे ‘त्रिशक्ति प्रहार’
06-10-2023 - 10:24 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

नई टेक्नोलॉजी से लैस हथियारों की टेस्टिंग के लिए भारतीय सेना के जवानों ने बड़े स्तर पर युद्धाभ्यास के लिए कमर कस ली है। 21 कोर के ‘त्रिशक्ति प्रहार’ अभ्यास के लिए राजस्थान में पश्चिमी मोर्चे पर जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। अंतिम दोतरफा अभ्यास की शुरुआत नवंबर के शुरुआती दिनों में होगी। इस युद्धाभ्यास में 30,000 से अधिक सैनिक शामिल होंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस वॉर प्रैक्टिस में टी-90एस और अर्जुन टैंक के साथ-साथ हॉवित्जर, हेलिकॉप्टर और इसी तरह के अन्य उपकरण शामिल होंगे। फाइटर जेट, अपाचे अटैक और हेवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर चिनूक सहित वायुसेना और नेवी के अन्य विमान भी इस वॉर प्रैक्टिस में शामिल होंगे। इंटिग्रेटेड एयर-लैंड और संयुक्त सैन्य ऑपरेशन, क्विक मूवमेंट के साथ आईएसआर (खुफिया, निगरानी, टोही) और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं द्वारा समर्थित लंबी दूरी और सटीक अटैक हमलों का भी परीक्षण किया जाएगा।
ड्रोन और यूएवी भी होंगे शामिल 
इसी तरह, सशस्त्र झुंड ड्रोन और कामिकाजी ड्रोन भी वॉर प्रैक्टिस में शामिल होंगे। पूर्वी लद्दाख में पिछले चार वर्षों से चीन के साथ सैन्य टकराव चल रहा है, जिसके चलते सेना को बड़ी आपातकालीन खरीद (ईपी) करनी पड़ी है, जिसमें मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी/ड्रोन), सटीक-निर्देशित से लेकर विशिष्ट प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। पहले तीन ईपी किश्तों में 6,600 करोड़ रुपये के 68 ड्रोन के बाद, चैथी किश्त में 7,600 करोड़ रुपये की अन्य 49 ड्रोन की खरीद पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
हथियार प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों का परीक्षण 
एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘इसके अलावा, लगभग 7,000 करोड़ रुपये की 34 अन्य योजनाएं अंतिम चरण में हैं। त्रिशक्ति प्रहार अभ्यास के दौरान कई नई शामिल हथियार प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों का परीक्षण किया जाएगा।’ 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बढ़े तनाव के कारण सेना, जिसमें 14 कोर हैं, प्रत्येक में लगभग 40,000 से 70,000 सैनिक हैं। उन्होंने चीन के साथ सीमा पर बड़ी संख्या में अतिरिक्त बलों और गोलाबारी को फिर से संतुलित किया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।