एयरो शो: स्वदेशी सुपरसोनिक एयरक्राफ्ट की टेल पर दिखे गदा प्रहार करते बजरंगबली, कैप्शन भी धुआंधार ‘तूफान आ रहा है...’ पहली बार शामिल हुए अमेरिकी एफ-35 फाइटर प्लेन..!
<p><em><strong>शो में सबसे ज्यादा सुर्खियों स्वदेशी सुपरसोनिक एयरक्राफ्ट-42 ने बटोरीं। इसकी टेल पर हनुमानजी की फोटो है। साथ ही एक मैसेज भी लिखा है-, दि स्टोर्म इज कमिंग (तूफान आ रहा है)।</strong></em></p>
एयरो इंडिया के 14वें एडिशन की शुरुआत सोमवार को बेंगलुरु के येलहांका के एयर फोर्स स्टेशन पर हुई। यह एयर शो पांच दिन चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। इस शो में सबसे ज्यादा सुर्खियां स्वदेशी सुपरसोनिक एयरक्राफ्ट-42 ने बटोरीं। इसकी टेल पर हनुमानजी की फोटो है। साथ ही एक मैसेज भी लिखा है, दि स्टोर्म इज कमिंग (तूफान आ रहा है)।
शो में पहली बार दो अमेरिकी एफ-35 फाइटर एयरक्राफ्ट प्रदर्शित किए गए। इसके साथ ही एफ-16 और एफ-18 भी शो में शामिल हुआ। अमेरिका ने एफ-18 भारत को बेचने की पेशकश की है। शो के उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘पहले यह सिर्फ एयर शो था लेकिन अब ये भारत की ताकत बनकर उभर रहा है। कोरोना काल के बाद पहली बार इस शो में दर्शक भी शामिल हो रहे हैं।’
13 फरवरी से 17 फरवरी तक चलने वाला शो मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड प्लान के मुताबिक स्वदेशी टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित करने और विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी बनाने पर केंद्रित है। इसकी थीम ‘द रनवे टु ए बिलियन अपॉर्च्युनिटीज’ है।
इस कार्यक्रम में पीएम ने कहा कि एक समय था जब ये एयर शो केवल एक शो था। अब यह सोच बदल गई है। ये अब एक शो नहीं बल्कि देश की ताकत है। आज दुनिया की रक्षा कंपनियों के लिए भारत एक मार्केट नहीं बल्कि पार्टनर भी है। एयरो इंडिया शो में 100 से अधिक देशों की भागीदारी नए भारत में दुनिया के भरोसे को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि यह शो एक और वजह से खास है। यह कर्नाटक जैसे टेक्नोलॉजी की दुनिया में जगह बनाने वाले राज्य में हो रहा है। इससे कर्नाटक के युवाओं के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। मैं आह्वान करता हूं आपको जो महारत हासिल है उससे रक्षा क्षेत्र में देश की ताकत बढ़ाएं। आप ज्यादा जुड़ेंगे तो नए रास्ते ज्यादा खुलेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आकाश में गर्जना करते तेजस मेक इन इंडिया का प्रमाण है। हिंद महासागर में आईएनएस विक्रांत, गुजरात के वडोदरा में या तुमकुरु में एचएएल के हेलिकॉप्टर इस बात का प्रमाण है। 21वीं सदी का भारत न कोई मौका खोएगा न मेहनत में कमी रखेगा। हम कमर कस चुके हैं।
What's Your Reaction?