पाक आर्मी में दो फाड़, तुरत-फुरत में चलता किया लाहौर का कोर कमांडर..!

<p><em><strong>क्या पाकिस्तान आर्मी दो धड़ों में बंट गई है। एक पक्ष इमरान खान तो दूसरा पक्ष शहबाज सरकार को सपोर्ट कर रहा है। इन सब कयासों को लाहौर कोर कमांडर को पद से हटाए जाने के बाद और ज्यादा बल मिल रहा है।</strong></em></p>

पाक आर्मी में दो फाड़, तुरत-फुरत में चलता किया लाहौर का कोर कमांडर..!
13-05-2023 - 09:01 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

पाकिस्तान में सत्ता का तमाशा जारी है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इमरान खान को रिहा कर दिया। इमरान खान की रात पुलिस लाइन में गुजरी। सिर्फ 10 लोगों से मिलने की इजाजत थी। इस बीच, इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। तोशाखाना केस में कोर्ट ने निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगाई है। इस्लामाबाद में रैली की तैयारी थी, लेकिन रैली की इजाजत नहीं मिली। इस सबके बीच पाकिस्तानी सेना में टूट की बात भी अब पक्की होती नजर आ रही है। दावा किया जा रहा था कि इमरान से सेना के कुछ लोग मिले हुए हैं। इस बीच, लाहौर कोर कमांड लेफ्टिनेंट जनरल सलमान गनी को उनके पद से हटा दिया गया है।
आर्मी को कोस रहे इमरान समर्थक
बता दें कि इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनके जो समर्थक पाकिस्तान को जला रहे थे वो सुप्रीम कोर्ट से इमरान खान को राहत मिलने के बाद अब जश्न मना रहे हैं। जहां-जहां उग्र विरोध प्रदर्शन चल रहा था, वहां इमरान की नैब की हिरासत से रिहाई के बाद खुशियां मनाई जा रही हैं और शहबाज सरकार के मंत्री सिर पकड़कर बैठे हैं। भूख, गरीबी, दिवालिया होने के खतरे और हिंसा से जूझ रहे पाकिस्तान में अजीब से हालात हैं क्योंकि आधी जनता और इमरान खान की पार्टी सेना को कोस रही है और सरकार चला रही पार्टियों के निशाने पर अब पाकिस्तान का सुप्रीम कोर्ट है। तर्क यह है कि जिसने पाकिस्तान में आग लगाई उसे सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई क्यों दी।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान से अपने समर्थकों से शांति कायम करने की अपील करने को भी कहा है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की कहानी वहीं से शुरू कर दी है, जहां पर वे इस्लामाबाद हाईकोर्ट में पेशी के लिए आए थे और जहां से उनको गिरफ्तार कर लिया गया था। इमरान खान के वकील बाबर अवान ने कहा कि पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ऑफ पाकिस्तान ने तय कर दिया है कि मुजरिम कोई भी हो उसके खिलाफ केस कोई भी हो अगर वो इंसाफ के लिए आएगा तो उसे कोर्ट परिसर से गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।