पश्चिम बंगाल चुनाव में फिर गनतंत्र.... बूथ कैप्चर ,गोलीबारी,बमबारी ! मतदान के दौरान दहला राज्य..
<p><em>पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए व्यापक हिंसा के बीच शनिवार को मतदान जारी है। मतदान के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर दस से ज्यादा होने कि खबर आ रही है।22 जिलों की 73,887 ग्राम पंचायत सीटों में से 64,874 पर आज सुबह से वोटिंग हो रही है। बारिश के कारण महिलाएं-पुरूष छाते लेकर मतदानस्थल के बाहर कतार लगाकर खड़े हैं। केंद्रीय बलों की पूरे राज्य के संवेदनशील मतदान केंद्रों पर तैनाती के बावजूद हत्या आगजनी-हिंसा और बैलेट पेपर जलाने की खबरें आ रही हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में कहा कि TMC के लोग और पुलिस की मिलीभगत है, इसलिए इतनी हत्या हो रही हैं।सीएम ममता बनर्जी हिंसा के लिए ज़िम्मेदार है। </em></p>
दक्षिण 24 परगना के बासंती में तृणमूल कार्यकर्ता की हत्या का मामला सामने आया है। इसके साथ ही मतदान के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर दस से ज्यादा होने की खबर आ रही है।
तृणमूल के प्रत्याशी के रिश्तेदार की हत्या का आरोप निर्दलीय प्रत्याशी पर लगा है। आरोप है बम फेंककर मर्डर किया गया। इससे पहले मुर्शिदाबाद के लालगोला में CPIM कार्यकर्ता की हत्या हो गई। मुर्शिदाबाद के रेजीनगर, खड़ग्राम,नदिया के चापड़ा और मालदा के मणिकचौक में एक एक तृणमूल कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। इसके अलावा पूर्वी बर्दवान में एक सी.पी.एम कार्यकर्ता की हत्या की जानकारी मिली है।मीडिया के अनुसार कूचबिहार के फालिमारी में बीजेपी पोलिंग एजेंट की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कूचबिहार के बक्शीरहाट में तृणमूल कार्यकर्ता की हत्या हुई है। वहीं, मुर्शिदाबाद के नौदा में कांग्रेस कार्यकर्ता रमजान शेख की हत्या कर दी गई।
झड़प में कई लोग घायल
इन के अलावा राज्य भर में हुई झड़पों में कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। घायलों की सही-सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। 8 जून को मतदान की तारीखों की घोषणा के बाद से अब तक चुनाव संबंधी हिंसा में कम से कम 25 लोग मारे जा चुके हैं. विभिन्न इलाकों से बड़े पैमाने पर हिंसा, बमबारी और गोलीबारी की खबरें आ रही हैं.
सत्ताधारी टीएमसी में भयानक गुटबाजी
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव को लेकर हिंसा 9 जून से ही शुरू हो गई थी। तब से लेकर अब तक टीएमसी, लेफ्ट-कांग्रेस और बीजेपी के कई कार्यकर्ता इस हिंसा की भेंट चढ़ चुके हैं। सत्ताधारी टीएमसी के अंदर भयानक गुटबाजी के कारण भी खूब हिंसा हो रही है। पिछले 24 घंटों में राजनीतिक हिंसा का लेवल अचानक बढ़ गया है। जिसमें अलग-अलग पार्टियों के चार कार्यकर्ता मारे गए हैं।
एक माह से बंगाल में जारी खूनी खेल की तीव्रता शुक्रवार शाम से ही बढ़ गई है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से गोलीबारी, बमबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ से जुड़ी घटनाओं की खबरें आ रही हैं। राज्य में हिंसा का ये आलम तब है, जब केंद्रीय बलों की मौजूदगी है।
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