बिहार में 99.8% मतदाताओं ने समय सीमा से पहले जमा किए फॉर्म: चुनाव आयोग
बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के पहले चरण की समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई, और इससे पहले बिहार के 7.2 करोड़ से अधिक मतदाताओं यानी कुल योग्य मतदाताओं का 99.8% ने अपने हस्ताक्षरित नामांकन फॉर्म जमा ..
नयी दिल्ली। बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के पहले चरण की समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई, और इससे पहले बिहार के 7.2 करोड़ से अधिक मतदाताओं — यानी कुल योग्य मतदाताओं का 99.8% — ने अपने हस्ताक्षरित नामांकन फॉर्म जमा कर दिए। चुनाव आयोग (EC) के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत 64 लाख मतदाताओं को मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, लापता या एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाया गया, जिन्हें गणना से बाहर किया गया।
चुनाव आयोग ने कहा कि 1.2 लाख मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त नहीं हुए, लेकिन 7.23 करोड़ प्राप्त फॉर्म पूरी तरह से डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
आयोग ने शुक्रवार को कहा, “7.23 करोड़ मतदाताओं ने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर चुनावी प्रक्रिया में अपना पूर्ण विश्वास जताया है।”
आयोग ने यह भी बताया कि शेष मतदाताओं से संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की रिपोर्ट और फॉर्म का डिजिटाइजेशन भी 1 अगस्त, 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा।
ये शेष मतदाता कौन हैं?
स्रोतों के मुताबिक, इन “शेष मतदाताओं” में शामिल हैं..
- 22 लाख मृत घोषित
- 7 लाख जो एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए
- 35 लाख जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं या लापता हैं
- ये आंकड़े BLOs और 12 राजनीतिक दलों के 1.6 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) द्वारा जुटाए गए
इनमें से कोई भी 1 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा।
दावा और आपत्ति की प्रक्रिया
1 अगस्त से 1 सितंबर, 2025 तक,
- कोई भी मतदाता या राजनीतिक दल किसी ऐसे व्यक्ति के लिए दावा कर सकते हैं जिसे BLO द्वारा गलती से हटा दिया गया हो।
- इसी अवधि में आपत्तियाँ भी दर्ज की जा सकती हैं यदि किसी को लगता है कि ड्राफ्ट सूची में शामिल कोई मतदाता अयोग्य है।
नए मतदाताओं का पंजीकरण
साथ ही, पहली बार मतदाता बनने वालों और बिहार से बाहर से स्थानांतरित होकर आए नागरिकों के लिए पंजीकरण की समानांतर प्रक्रिया चल रही है। चुनाव आयोग अगस्त में एक विशेष अभियान चलाने की योजना बना रहा है।
- नया नामांकन (New Enrolment): फॉर्म 6 भरना होगा
- बिहार के बाहर से आए नागरिक: फॉर्म 8 भरना होगा
इन दोनों ही मामलों में नागरिकों को यह घोषणा देनी होगी कि वे भारत के नागरिक हैं, साथ ही जन्म तिथि और स्थान से संबंधित दस्तावेज़ संलग्न करने होंगे। यदि व्यक्ति भारत से बाहर जन्मा है, तो उसे भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र या नैचुरलाइज़ेशन द्वारा प्राप्त नागरिकता के प्रमाणपत्र की प्रति देना अनिवार्य है।
EC ने किन्हें दिया श्रेय?
चुनाव आयोग ने कहा कि SIR के पहले चरण की सफलता का श्रेय बिहार के
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO),
- 38 जिला निर्वाचन अधिकारी,
- 243 EROs,
- 2,976 सहायक EROs,
- 77,895 BLOs,
- स्वयंसेवकों,
- और 12 राजनीतिक दलों के 38 जिला अध्यक्षों व उनके 1.6 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) को जाता है।
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