‘कोई बाधा नहीं डालेंगे’.., बंगाल में SIR की समय-सीमा एक हफ्ते बढ़ाते हुए बोले CJI सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 फरवरी) को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को पूरा करने के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का समय दे दिया। इसके साथ ही 14 फरवरी की समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया..

‘कोई बाधा नहीं डालेंगे’.., बंगाल में SIR की समय-सीमा एक हफ्ते बढ़ाते हुए बोले CJI सूर्यकांत
10-02-2026 - 12:58 PM
22-04-2026 - 05:53 PM

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 फरवरी) को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को पूरा करने के लिए एक अतिरिक्त सप्ताह का समय दे दिया। इसके साथ ही 14 फरवरी की समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया गया। यह अंतरिम आदेश उस याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए दायर की थी।

समय-सीमा बढ़ाते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस संशोधन प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं डालेगी बार एंड बेंच  के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का उद्देश्य SIR को सुचारू रूप से पूरा कराने में सहयोग करना है और यह सुनिश्चित करना है कि रास्ते में कोई अड़चन न आए।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया भी शामिल थे, ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया कि अदालत में प्रस्तुत 8,555 ग्रुप-बी अधिकारियों की सूची के अनुसार सभी अधिकारी शाम 5 बजे तक अपने-अपने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) के समक्ष रिपोर्ट करें।

यह निर्देश भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की उस दलील के बाद दिया गया, जिसमें आयोग ने कहा था कि राज्य सरकार के पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण उसे मानव संसाधन की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

अदालत ने यह भी फैसला सुनाया कि निर्वाचन आयोग को निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (AERO) को बदलने का अधिकार होगा। हालांकि, यदि मौजूदा अधिकारी उपयुक्त पाए जाते हैं, तो उन्हें बनाए रखा जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, माइक्रो ऑब्जर्वर या राज्य सरकार के अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी केवल ERO की सहायता करने तक सीमित होगी क्योंकि अंतिम निर्णय ERO का ही होगा।”

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि अब सरकारी अधिकारियों का एक नया समूह इस प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है इसलिए प्रभावित व्यक्तियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच में अधिक समय लग सकता है

इसके अलावा, पीठ ने राज्य सरकार के अधिकारियों को संक्षिप्त प्रशिक्षण और उनके प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के बाद माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में तैनात करने की अनुमति दी। हालांकि, अदालत ने साफ किया कि ये अधिकारी केवल सहायक भूमिका में रहेंगे और अंतिम अधिकार पूरी तरह ERO के पास ही रहेगा

नए कर्मियों की नियुक्ति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने माना कि मतदाताओं द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच में अधिक समय लग सकता है, इसी वजह से SIR प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय देना आवश्यक है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।