अबू मोहम्मद अल-जुलानी: सीरिया का उभरता हुआ नेता और उसका जटिल इतिहास

सीरिया में वर्षों से चले आ रहे बशर अल-असद के शासन का अंत हो चुका है। विद्रोही बलों के बढ़ते प्रभाव और दमिश्क पर कब्जे के बाद, अब सीरिया का भविष्य अबू मोहम्मद अल-जुलानी के नेतृत्व वाले संगठन हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के हाथों में है। आइए उनके इतिहास, संगठन, और उनके भविष्य की योजनाओं पर एक गहराई से नजर डालते हैं..

अबू मोहम्मद अल-जुलानी: सीरिया का उभरता हुआ नेता और उसका जटिल इतिहास
10-12-2024 - 09:30 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

दमिश्क। सीरिया में वर्षों से चले आ रहे बशर अल-असद के शासन का अंत हो चुका है। विद्रोही बलों के बढ़ते प्रभाव और दमिश्क पर कब्जे के बाद, अब सीरिया का भविष्य अबू मोहम्मद अल-जुलानी के नेतृत्व वाले संगठन हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के हाथों में है। आइए उनके इतिहास, संगठन, और उनके भविष्य की योजनाओं पर एक गहराई से नजर डालते हैं।

अबू मोहम्मद अल-जुलानी कौन हैं?

अबू मोहम्मद अल-जुलानी का असली नाम अहमद हुसैन अल-शरा है। उनका जन्म 1982 में सऊदी अरब के रियाद में हुआ। उनके पिता पेट्रोलियम इंजीनियर थे, और 1989 में उनका परिवार सीरिया लौट आया। जुलानी के शुरुआती जीवन के बारे में जानकारी सीमित है, लेकिन यह स्पष्ट है कि वह 2003 में इराक चले गए और वहां अलकायदा में शामिल हो गए।
2006
में अमेरिकी सेना ने उन्हें गिरफ्तार किया और पांच साल तक हिरासत में रखा। उनकी रिहाई के बाद, उन्हें सीरिया में अलकायदा की शाखा अल-नुसरा फ्रंट की स्थापना का काम सौंपा गया।

अलकायदा से अलगाव और HTS का गठन

2013 में, अल-जुलानी ने अलकायदा के प्रति अपनी निष्ठा जताई, जबकि उनके सहयोगी अबू बकर अल-बगदादी ने ISIS का गठन किया। हालांकि, 2016 में उन्होंने अलकायदा से अलग होकर जबात फतेह अल-शाम की स्थापना की।
इसके बाद 2017 में उन्होंने HTS का गठन किया, जिसमें कई अन्य विद्रोही गुटों को मिलाया गया। इस संगठन का घोषित उद्देश्य सीरिया को असद शासन से मुक्त करना और एक इस्लामिक राज्य की स्थापना करना है।

HTS और इदलिब पर नियंत्रण

अल-जुलानी के नेतृत्व में, HTS ने 2017 में इदलिब गवर्नरेट में एक "साल्वेशन सरकार" स्थापित की। यह सरकार नागरिक सेवाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य और न्यायपालिका जैसी जिम्मेदारियां संभालती है। हालांकि, HTS पर मानवाधिकार हनन, असहमति को कुचलने, और विरोधियों पर गोलीबारी करने के आरोप भी हैं।

जुलानी की वर्तमान स्थिति और दृष्टिकोण

अलेप्पो और दमिश्क पर कब्जे के बाद, जुलानी ने अल्पसंख्यकों के प्रति नरम रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की रक्षा की जाएगी। उनके बयान और कार्य अब HTS को एक "विश्वसनीय शासन इकाई" और अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी प्रयासों में एक भागीदार के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं।
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, तुर्किये और यूरोपीय संघ ने HTS को अभी भी एक "आतंकवादी संगठन" माना है।

अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू प्रभाव

अबू मोहम्मद अल-जुलानी के नेतृत्व में, HTS सीरिया का सबसे बड़ा सशस्त्र विपक्षी गुट बन चुका है। जुलानी के उदार रुख और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के बावजूद, उनका अतीत और HTS की विवादास्पद नीतियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके स्वीकार्य होने में बाधा बन सकती हैं।

अबू मोहम्मद अल-जुलानी का उदय और उनकी महत्वाकांक्षाएं सीरिया और वैश्विक राजनीति में नए समीकरण बना सकती हैं। हालांकि उन्होंने अपनी पुरानी विचारधाराओं से दूरी बनाने की कोशिश की है, उनके नेतृत्व में सीरिया का भविष्य कई चुनौतियों और संभावनाओं से भरा हुआ है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।