बैंकों द्वारा की जाने वाली प्रस्तावित हड़ताल अब होगी या नहीं, बैंक यूनियनों ने सुलह बैठक के बाद लिया ये फैसला..!
<p><em>Bank Strike: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने मुंबई में हुई सुलह बैठक में बनी सहमति के बाद 30-31 जनवरी को होने वाली दो दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित कर दी है। इस हड़ताल के पहले बैंक यूनियनों की जो सुलह बैठक हुई, उसमें इस बैठक को टालने का फैसला लिया गया है। </em></p>
क्यों टाली गई देशव्यापी बैंक हड़ताल
बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के अखिल भारतीय महासचिव सी एच वेंकटचलम ने यह जानकारी दी है कि बैंक यूनियनें 31 जनवरी को अपनी मांगों को लेकर पहले चर्चा करेंगे। वेंकटचलम के मुताबिक भारतीय बैंक संघ (आईबीए) 31 जनवरी को यूनियनों के साथ बैठक करने पर सहमत हो गया है। सुलह बैठक में फैसला लिया गया कि तीन सामान्य मुद्दों पांच दिवसीय बैंकिंग, पेंशन का अपडेशन और पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर 31 जनवरी को चर्चा की जाएगी। अन्य मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों और श्रमिक संघों के साथ अलग से चर्चा की जाएगी।
लंबित मांगें न सुने जाने पर होने वाली थी हड़ताल
गौरतलब है कि कई बैंक यूनियनों का समूह यूएफबीयू ने पहले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने का फैसला किया था। उनके मुताबिक लंबे समय से ये मांगें मंत्रालय के सामने रखी जा रही हैं और इन पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
बैंक यूनियनों की इन मुद्दों पर थीं मांगें
बैंक यूनियनों की कई मांगें हैं जिनमें 5 डे का बैंकिंग वर्किंग कल्चर, पेंशन का अपग्रेडेशन, अवशिष्ट मुद्दे, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) को खत्म करना, वेतन संशोधन के लिए मांगों के चार्टर पर बातचीत की तत्काल शुरुआत और सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती को लेकर हड़ताल बुलाए जाने का फैसला यूएफबीयू ने किया था।
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