6x8 फीट की कोठरी, पीने का मटमैला पानी: जानिए कैसी है इमरान खान की जेल

पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल में ऐसी स्थितियों में रखा गया है जिन्हें बेहद कठोर बताया गया

6x8 फीट की कोठरी, पीने का मटमैला पानी: जानिए कैसी है इमरान खान की जेल
04-09-2026 - 01:08 PM
04-09-2026 - 01:23 PM

पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल में ऐसी स्थितियों में रखा गया है जिन्हें बेहद कठोर बताया गया है। रिपोर्ट्स में लंबे समय तक एकांतवास, पढ़ने-लिखने की सामग्री तक सीमित पहुंच और उनके परिवार से संपर्क पर प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया गया है।

'द टाइम्स यूके' की एक रिपोर्ट के अनुसार, खान को 6 बाय 8 फीट की ऐसी कोठरी में रखा गया है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर मौत की सजा पाए कैदियों के लिए किया जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 73 वर्षीय खान के पास कुरान के अलावा पढ़ने के लिए कोई अन्य सामग्री नहीं है और उन्हें पीने के लिए "मैला और भूरा पानी" दिया जा रहा है।

कथित तौर पर उनके बेटे, सुलेमान और कासिम खान, 2022 से अपने पिता से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल पाए हैं और कभी-कभी उन्हें महीनों तक टेलीफोन पर बात करने से भी रोका गया है। उन्होंने उनके रहने की स्थिति को अमानवीय "यातना की रणनीति" (टॉर्चर टैक्टिक्स) करार दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मुलाकातियों पर रोक लगा दी गई है और खान को दिन में 23 घंटे तक अपनी कोठरी में ही कैद रखा जाता है।

ये कथित प्रतिबंध खान के परिवार द्वारा बार-बार दी जा रही कानूनी चुनौतियों का भी विषय बन गए हैं।

उनकी बहन उज़्मा खान ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक नई अवमानना याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अधिकारी खान की उनके परिवार तक पहुंच से संबंधित 18 अगस्त के आदेश का पालन करने में विफल रहे हैं।

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, याचिका में प्रधान मंत्री शहबाज़ शरीफ़, अदियाला जेल अधीक्षक साजिद बेग, पंजाब के जेल महानिरीक्षक (आईजी) मियां सालिक जलाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।

18 अगस्त के आदेश में अधिकारियों को खान और उनके बेटों के बीच वर्चुअल बातचीत की सुविधा प्रदान करने और उनकी बहनों को उनसे साप्ताहिक रूप से मिलने की अनुमति देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, उज़्मा ने कहा कि उन्हें मंगलवार को पहले से तय मुलाकात के लिए मना कर दिया गया, जबकि खान और उनके बेटों के बीच टेलीफोन पर होने वाली बातचीत मार्च से ही प्रतिबंधित है।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि अधिकारी सुलेमान और कासिम के साथ सप्ताह में दो बार टेलीफोन कॉल के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा स्थापित करने में विफल रहे हैं।

यह ताज़ा विवाद एक पिछली अवमानना याचिका के बाद सामने आया है, जो खान को मेडिकल जांच के लिए शिफ़ा इंटरनेशनल अस्पताल में ट्रांसफ़र करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के कथित अवहेलना को लेकर थी। इसके बजाय, उन्हें 21 अगस्त को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया और डॉक्टरों द्वारा उन्हें "मेडिकली फिट" घोषित किए जाने के बाद वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। अधिकारियों ने इस फैसले के लिए सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow