महुआ मोइत्रा के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया

महुआ मोइत्रा के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज
04-09-2026 - 01:11 PM
04-09-2026 - 01:21 PM

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

कृष्णानगर की सांसद को शनिवार (5 सितंबर) को दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में तलब किया गया है।

पुलिस के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धर्म, मूलवंश, जन्म स्थान, निवास, भाषा, जाति या समुदाय के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी, घृणा या द्वेष को बढ़ावा देना), 197 (ऐसे बयान, कार्य या झूठी जानकारी जो भारत की राष्ट्रीय अखंडता, संप्रभुता और सार्वजनिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाते हैं), 299 (किसी भी वर्ग के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से किए गए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य) और 353 (झूठे बयान, अफवाह या रिपोर्ट बनाना, प्रकाशित करना या प्रसारित करना—इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म सहित—जिससे सार्वजनिक उपद्रव हो) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

1 सितंबर को महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर कई IPS अधिकारियों के नामों का जिक्र करते हुए एक पोस्ट किया था। इस घटना से विवाद खड़ा हो गया था। महुआ ने आरोप लगाया था कि राज्य के मुस्लिम IPS और IAS अधिकारियों को उत्तर बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम से बाहर रखा गया था। उन्होंने तीन लोगों- सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त वकार रजा, एसटीएफ (STF) के डीजी जावेद शमीम और IAS खलील अहमद के नामों का जिक्र किया था।

तृणमूल सांसद ने दावा किया कि अल्पसंख्यक नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों को जानबूझकर बाहर रखा गया।

उस पोस्ट के आधार पर, हाल ही में डायमंड हार्बर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि महुआ सांप्रदायिक नफरत भड़का रही हैं। इसी आधार पर, कृष्णानगर की सांसद को शनिवार सुबह 11 बजे तलब किया गया है। तृणमूल सांसद ने फिलहाल इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कुछ दिन पहले, तृणमूल सांसद को एक अन्य मामले में लगभग इन्हीं आरोपों के तहत नदिया के होगलबारी (होगलबेड़िया) पुलिस स्टेशन में पेश होना पड़ा था। सांप्रदायिक नफरत से जुड़े उस मामले में पुलिस ने उनसे एक घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी।

गौरतलब है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल पुलिस को महुआ मोइत्रा को पर्याप्त सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था, क्योंकि हाल ही में उनके निर्वाचन क्षेत्र कृष्णानगर के दौरे के दौरान उन पर अंडे फेंके गए थे।

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