टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) के बाद क्या शरद पवार की एनसीपी के 5 सांसद भी एनडीए में जाएंगे? महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल
Nationalist Congress Party (Sharadchandra Pawar) के पांच लोकसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की अटकलों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 सांसदों और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के दल बदलने की चर्चाओं के बाद अब निगाहें शरद पवार गुट पर..
Nationalist Congress Party (Sharadchandra Pawar) के पांच लोकसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की अटकलों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 सांसदों और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के दल बदलने की चर्चाओं के बाद अब निगाहें शरद पवार गुट पर टिक गई हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, शरद पवार की पार्टी के आठ लोकसभा सांसदों में से पांच सांसद एनडीए में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन अटकलों ने पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है।
सुनेत्रा पवार और अमित शाह की मुलाकात से बढ़ीं चर्चाएं
हाल ही में Sunetra Pawar की केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से मुलाकात के बाद इन चर्चाओं को और बल मिला है। विपक्षी खेमे में इसे संभावित राजनीतिक पुनर्संरचना के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
एनडीए की नजर दो-तिहाई बहुमत पर
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि एनडीए संसद में मजबूत दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और परिसीमन विधेयक जैसे बड़े संवैधानिक सुधारों को आसानी से आगे बढ़ाया जा सके।
शरद पवार ने बुलाई आपात बैठक
संभावित दल-बदल की आशंकाओं के बीच Sharad Pawar ने 19 जून को अपनी पार्टी के प्रमुख नेताओं की आपात बैठक बुलाई। बैठक का उद्देश्य संसदीय दल को एकजुट रखना और कथित "ऑपरेशन टाइगर" के तहत हो रही राजनीतिक सेंधमारी की कोशिशों का मुकाबला करना बताया गया।
इसके अलावा, 24 जून को मुंबई में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के विधायकों की आमसभा भी आयोजित की जानी है। इस बैठक में दल-बदल की संभावनाओं से निपटने और राज्य की राजनीतिक रणनीति तय करने पर चर्चा होगी।
कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) के विलय की चर्चा
दल-बदल की खबरों के समानांतर, कांग्रेस और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के संभावित रणनीतिक विलय की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक मुकाबलों के लिए साझा मंच तैयार करने के उद्देश्य से यह विचार सामने आया है।
संजय राउत ने पवार से की पहल की मांग
Sanjay Raut ने हाल ही में कहा कि शरद पवार को उन छोटे दलों को फिर से कांग्रेस के साथ जोड़ने की पहल करनी चाहिए, जो समय-समय पर कांग्रेस से अलग होकर बने हैं।
राउत ने कहा कि ऐसे कई नेता हैं जो कभी कांग्रेस और कांग्रेस सरकारों का हिस्सा रहे हैं तथा आज भी उसी विचारधारा का समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा, "यदि कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े सभी दल एक मंच पर आते हैं, तो यह प्रधानमंत्री Narendra Modi के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकती है। इस दिशा में शरद पवार को पहल करनी चाहिए।"
अगले कुछ दिन होंगे निर्णायक
महाराष्ट्र की राजनीति लगातार बदलते समीकरणों के दौर से गुजर रही है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि शरद पवार अपने गुट को एकजुट रखने में सफल होते हैं या उनकी पार्टी को भी वही झटका झेलना पड़ता है, जिसका सामना पहले टीएमसी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना कर चुकी है।
हालांकि, अभी तक एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के सांसदों के एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों के केंद्र में बना हुआ है।
What's Your Reaction?