चार राज्यों में वोटर आईडी कार्ड? अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ बेंगलुरु कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट
दिग्गज अभिनेता Prakash Raj के खिलाफ बेंगलुरु की एक अदालत ने गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। यह वारंट उस मामले में जारी किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रकाश राज के पास एक से अधिक राज्यों के मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) हैं, जो भारत के चुनावी नियमों का उल्लंघन..
दिग्गज अभिनेता Prakash Raj के खिलाफ बेंगलुरु की एक अदालत ने गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है। यह वारंट उस मामले में जारी किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रकाश राज के पास एक से अधिक राज्यों के मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी कार्ड) हैं, जो भारत के चुनावी नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
क्या है आरोप?
भारत के Election Commission of India के नियमों के अनुसार, कोई भी नागरिक देश में केवल एक ही स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति के पास एक साथ कई राज्यों में वोटर आईडी कार्ड हैं, तो यह चुनावी प्रावधानों का उल्लंघन माना जाता है।
प्रकाश राज के खिलाफ दर्ज शिकायत में दावा किया गया है कि उनके पास चार अलग-अलग राज्यों के वोटर आईडी कार्ड हैं। शिकायत में जिन राज्यों का उल्लेख किया गया है, उनमें कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना शामिल हैं। यदि अदालत में ये आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो यह चुनाव कानून का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा।
कैसे शुरू हुआ मामला?
यह मामला वर्ष 2019 से जुड़ा हुआ है। अधिवक्ता दिलीप कुमार नामक व्यक्ति ने बेंगलुरु के हलासुरु गेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रकाश राज कई राज्यों में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं और उनके पास एक से अधिक वोटर आईडी कार्ड हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने मामला आगे बढ़ाते हुए बेंगलुरु पुलिस आयुक्त से भी संपर्क किया। साथ ही उन्होंने सीधे चुनाव आयोग को भी अपनी शिकायत भेजी।
हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार न तो पुलिस प्रशासन और न ही चुनाव आयोग की ओर से कोई कार्रवाई की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
अदालत ने भेजे थे समन
मामले की सुनवाई बेंगलुरु की 48वीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अदालत में शुरू हुई। अदालत ने प्रकाश राज को दो अलग-अलग अवसरों पर समन जारी कर निर्धारित तिथियों पर पेश होने का निर्देश दिया था।
लेकिन अभिनेता दोनों ही अवसरों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया और इसे रिकॉर्ड में दर्ज किया।
गैर-जमानती वारंट जारी
दो बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने पर न्यायालय ने प्रकाश राज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
गैर-जमानती वारंट (NBW) सामान्य जमानती वारंट की तुलना में अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई होती है। इसके तहत पुलिस को संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार मिल जाता है। जमानती वारंट के विपरीत, गैर-जमानती वारंट की स्थिति में आरोपी गिरफ्तारी के समय केवल निजी मुचलका देकर तत्काल रिहाई नहीं पा सकता, बल्कि उसे अदालत के समक्ष पेश किया जाता है और आगे की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है।
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