भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर राहुल गांधी पर पीयूष गोयल का पलटवार.. बोले, देश के हितों पर संदेह फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण..!
भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को तीखा हमला बोला। गोयल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी ऐसे समझौते पर संदेह पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे सरकार देश के लिए व्यापक लाभकारी बता..
नयी दिल्ली। भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को तीखा हमला बोला। गोयल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी ऐसे समझौते पर संदेह पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे सरकार देश के लिए व्यापक लाभकारी बता रही है।
गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह समझौता पूरी तरह राष्ट्रीय हित और भविष्य की विकास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया है।
उन्होंने कहा, “आज हर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दे रहा है कि उन्होंने भारत के मजबूत भविष्य के लिए जनहित को ध्यान में रखते हुए अमेरिका के साथ एक बहुत अच्छा व्यापार समझौता किया। दोनों देशों की टीमों के महीनों चले विचार-विमर्श के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह समझौता अंतिम रूप ले सका।”
संसद में हंगामे पर विपक्ष पर निशाना
संसद के भीतर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा कि वह सदन में सरकार का पक्ष रखना चाहते थे, लेकिन लगातार व्यवधान के कारण उन्हें बाहर आकर बयान देना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने “आसन का अपमान किया” और उनके आचरण को “असभ्य” करार दिया।
गोयल ने कहा, “टीएमसी, डीएमके और सपा के नेता कांग्रेस के साथ मिलकर नहीं चाहते कि हमारे युवाओं को अवसर मिलें। हमारा उद्योग आगे बढ़ना चाहता है, एआई, सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स में काम करना चाहता है। अमेरिका इसमें हमारी मदद कर सकता है। उच्च गुणवत्ता वाले, उच्च क्षमता के डेटा सेंटर्स भारत में आ सकते हैं। हम लाखों करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर सकते हैं।”
राहुल गांधी पर सीधा हमला
कांग्रेस नेता पर सवाल उठाते हुए गोयल ने कहा, “क्या राहुल गांधी को इससे परेशानी है? क्या उन्हें भारत का विकास पसंद नहीं है और वे युवाओं का उज्ज्वल भविष्य नहीं देख सकते? उन्हें अपनी नकारात्मक सोच का जवाब देना होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं राहुल गांधी और इन दलों के उनके सभी समर्थकों की निंदा करता हूं, जो बेहद निराशाजनक सोच फैला रहे हैं। उन्हें विकास नहीं, अराजकता चाहिए। संसद में उनका रवैया देख लीजिए।”
गोयल ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी को सेना पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा, “वह सेना पर सवाल उठाते हैं और देश के उद्योग के भविष्य को बर्बाद करना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, उदयनिधि स्टालिन, कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और सपा प्रमुख अखिलेश यादव जैसे नेताओं को उनकी नकारात्मक मानसिकता के लिए जवाबदेह ठहराया जाए। गोयल ने कहा, “ये सभी विकास के खिलाफ हैं और भारत के उज्ज्वल भविष्य के खिलाफ हैं। ये निराधार आरोप लगा रहे हैं।”
किन वर्गों को मिलेगा लाभ
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि यह समझौता किसानों, मछुआरों, महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, एमएसएमई और श्रम-प्रधान क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की पूरी तरह सुरक्षा की गई है।
गोयल ने बताया कि टेक्सटाइल्स, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग सामान, विमान के पुर्जे और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे।
राहुल गांधी पर फिर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी नकारात्मक सोच के साथ झूठ और छल के आधार पर देश को गुमराह कर रहे हैं। क्या उन्हें हमारे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कोई चिंता है या वे भारत के विकास से नफरत करते हैं?”
अमेरिका से बेहतर डील, ट्रंप का आभार
गोयल ने कहा कि भारत को प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर सौदा मिला है और उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत–अमेरिका मित्रता को मान्यता देने के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, “प्रतिस्पर्धी देशों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को एक अच्छा व्यापार समझौता दिया। यह सिर्फ एक ट्रेड डील नहीं है, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का एक मंच है।”
संसद में जारी विवाद
वहीं, राहुल गांधी ने समझौते के विवरण सार्वजनिक होने की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं और संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों को उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि संसद को भारत के पड़ोस से जुड़े घटनाक्रम और उस पर सरकार के रुख की जानकारी दी जानी चाहिए।
राहुल गांधी पूर्व थलसेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा के द कारवां में प्रकाशित अंश का हवाला देते हुए भारत–चीन गतिरोध पर चर्चा करना चाहते थे। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल तथा दिलीप सैकिया ने इसे नियमों के खिलाफ बताते हुए उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ही चर्चा तक सीमित रहने को कहा।
लगातार हंगामे के बीच लोकसभा में विपक्ष के आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू द्वारा लाया गया निलंबन प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ।
निलंबन के बाद कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने कहा, “उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई और जब हमने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो हमें निलंबित कर दिया गया। हम जनता के हित में बोल रहे थे।”
सरकार का रुख
पीयूष गोयल ने दोहराया कि यह व्यापार समझौता अमेरिका के साथ आर्थिक संबंधों को और व्यापक व गहरा करेगा, भारतीय उत्पादों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत लाएगा और एआई, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स तथा हाई-परफॉर्मेंस डेटा सेंटर्स जैसे उन्नत क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा था कि वह “मेड इन इंडिया” उत्पादों पर 18 प्रतिशत कम टैरिफ से बेहद प्रसन्न हैं और उन्होंने 1.4 अरब भारतीयों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया था।
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