भारत-बांग्लादेश सीमा पर गतिरोध समाप्त, बीएसएफ का दावा..सभी अवैध घुसपैठिए बांग्लादेश लौटे

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा के चार अलग-अलग स्थानों पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच बना तनावपूर्ण गतिरोध शनिवार सुबह समाप्त हो गया। बीएसएफ के अनुसार, शुक्रवार से 'जीरो पॉइंट' पर फंसे लगभग 40 बांग्लादेशी नागरिक वापस बांग्लादेश लौट..

भारत-बांग्लादेश सीमा पर गतिरोध समाप्त, बीएसएफ का दावा..सभी अवैध घुसपैठिए बांग्लादेश लौटे
07-06-2026 - 10:30 AM

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा के चार अलग-अलग स्थानों पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच बना तनावपूर्ण गतिरोध शनिवार सुबह समाप्त हो गया। बीएसएफ के अनुसार, शुक्रवार से 'जीरो पॉइंट' पर फंसे लगभग 40 बांग्लादेशी नागरिक वापस बांग्लादेश लौट गए हैं।

कूचबिहार के पानीशाला में सबसे ज्यादा तनाव

सबसे गंभीर स्थिति कूचबिहार जिले के मेखलीगंज स्थित पानीशाला में पिलर नंबर 134 पर देखने को मिली, जहां 10 बांग्लादेशी नागरिक फंसे हुए थे।

बीजीबी ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि भारत की ओर से उन्हें "अवैध तरीके से वापस धकेला (Push Back)" जा रहा है।

बीएसएफ ने इस मुद्दे पर फ्लैग मीटिंग का प्रस्ताव रखा, लेकिन बीजीबी ने इसे स्वीकार नहीं किया। कई घंटों तक चली तनातनी और शनिवार तड़के हुई तीखी बहस के बाद स्थिति सामान्य हुई। बीएसएफ का कहना है कि इसके बाद सभी लोग बांग्लादेश लौट गए।

तीन अन्य स्थानों पर भी ऐसा ही घटनाक्रम

इसी तरह की स्थिति कूचबिहार के सीतलकुची, दिनहाटा और जलपाईगुड़ी सदर के सकाती क्षेत्र में भी बनी रही।

इन स्थानों पर करीब 30 अन्य बांग्लादेशी नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, शुक्रवार तक जीरो पॉइंट पर फंसे रहे, लेकिन शनिवार सुबह तक वे भी वहां से गायब हो गए।

बीजीबी का दावा- आठ 'पुश-बैक' प्रयास नाकाम किए

हालांकि सीमा पर तत्काल गतिरोध समाप्त हो गया, लेकिन शनिवार को बीजीबी ने दावा किया कि उसने पिछले 24 घंटों में बीएसएफ के आठ अलग-अलग "पुश-बैक" प्रयासों को विफल किया।

बीजीबी के जनसंपर्क अधिकारी शरीफुल इस्लाम द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि—

  • उत्तर 24 परगना और नदिया के जादवपुर सीमा क्षेत्र में 3 लोगों को रोका गया।
  • दक्षिण दिनाजपुर के कर्मुडांगा सीमा पर 17 लोगों को वापस भेजा गया।
  • असम के धुबरी के बरखाता और पायाशोत्तीबारी सीमा पर 21 लोगों को सीमा पार करने से रोका गया।
  • कूचबिहार के दीघलतारी सीमा क्षेत्र में 7 लोगों को प्रवेश से रोका गया।

बीजीबी के अनुसार, "सतर्कता बढ़ाने, गहन गश्त और तत्काल निवारक कार्रवाई के कारण आठ अलग-अलग प्रयास विफल किए गए।"

वायरल वीडियो में महिला ने बताया खुद को खुलना की निवासी

गतिरोध के दौरान एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें कथित तौर पर बीएसएफ और बीजीबी के जवान फंसे हुए लोगों के सामने बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो में एक महिला खुद को बांग्लादेश के खुलना की निवासी बताते हुए अपने गांव लौटने की इच्छा व्यक्त करती नजर आती है।

सूत्रों के अनुसार, बीएसएफ ने इसी वीडियो को आधार बनाकर बीजीबी पर संबंधित लोगों को वापस लेने का दबाव बनाया।

अवैध घुसपैठियों की पहचान और निर्वासन अभियान तेज

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके निर्वासन की प्रक्रिया को तेज कर रही है।

इसके साथ ही केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बांग्लादेश सरकार (ढाका) से भी संदिग्ध अवैध प्रवासियों के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया है, ताकि निर्वासन की कार्रवाई जल्द पूरी की जा सके।

सीमा पर निगरानी और कड़ी

इन घटनाओं के बाद बीएसएफ ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी और गश्त को और सख्त कर दिया है।

हालांकि दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच तत्काल टकराव टल गया है लेकिन सीमा पार अवैध आव्रजन और "पुश-बैक" को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच विवाद बना हुआ है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।