बंगाल सरकार के ‘होल्डिंग सेंटर’ फैसले के बाद हाकिमपुर बॉर्डर से बांग्लादेश लौटने की होड़

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर सीमा क्षेत्र में मंगलवार को बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अपने देश लौटने की खबर सामने आई। यह घटनाक्रम राज्य सरकार द्वारा जिलों में ‘होल्डिंग सेंटर’ स्थापित करने की घोषणा के 48 घंटे के भीतर ..

बंगाल सरकार के ‘होल्डिंग सेंटर’ फैसले के बाद हाकिमपुर बॉर्डर से बांग्लादेश लौटने की होड़
27-05-2026 - 11:15 AM

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर सीमा क्षेत्र में मंगलवार को बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अपने देश लौटने की खबर सामने आई। यह घटनाक्रम राज्य सरकार द्वारा जिलों में ‘होल्डिंग सेंटर’ स्थापित करने की घोषणा के 48 घंटे के भीतर सामने आया है।

राज्य में सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने शनिवार को अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए विशेष होल्डिंग सेंटर बनाने की घोषणा की थी।

मंगलवार सुबह से ही बशीरहाट उपखंड के अंतर्गत हाकिमपुर स्थित बीएसएफ चेक पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोग अपने सामान के साथ जमा होते देखे गए। बताया जा रहा है कि 150 से अधिक संदिग्ध घुसपैठिए बीएसएफ कर्मियों के बुलावे का इंतजार कर रहे थे ताकि उन्हें सीमा पार कर बांग्लादेश भेजा जा सके।

पहले भी दिखा था ऐसा नजारा

इसी तरह का दृश्य पिछले वर्ष अक्टूबर में भी देखने को मिला था, जब भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू किया था।

उस दौरान भी राजारहाट, न्यू टाउन, दमदम, डानकुनी और हावड़ा समेत बंगाल के विभिन्न इलाकों में काम करने वाले सैकड़ों बांग्लादेशी घुसपैठिए हाकिमपुर चेक पोस्ट पर पहुंचे थे और वापस बांग्लादेश लौट गए थे।

इसके बाद लंबे समय तक सीमा चौकी पर इस तरह की भीड़ नहीं देखी गई थी।

केंद्र के दिशा-निर्देशों के आधार पर जारी हुआ नोटिफिकेशन

शनिवार को राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए एक अधिसूचना जारी की थी।

नोटिफिकेशन में कहा गया था कि अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया के तहत जिलों में होल्डिंग सेंटर स्थापित किए जाएं।

अधिसूचना में कहा गया, देश में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी/रोहिंग्या नागरिकों को निर्वासित करने की प्रक्रिया संबंधी गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिलों में होल्डिंग सेंटर स्थापित करने की पहल की जाए, ताकि पकड़े गए विदेशी नागरिकों और निर्वासन की प्रतीक्षा कर रहे विदेशी कैदियों को रखा जा सके।”

डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति

यह कदम मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” यानी “पहचानो, सूची से हटाओ और निर्वासित करो” नीति अपनाएगी।

उन्होंने 20 मई को कहा था, जो लोग नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के दायरे में नहीं आते, वे पूरी तरह अवैध घुसपैठिए हैं। राज्य पुलिस उन्हें गिरफ्तार करेगी और बीएसएफ को सौंप देगी। बीएसएफ, बीडीआर (अब बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) से बातचीत कर उन्हें वापस भेजने की कोशिश करेगी। यही ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ नीति है।”

मालदा और मुर्शिदाबाद में बने सेंटर

मालदा जिला पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां होल्डिंग सेंटर ने काम शुरू कर दिया है। इंग्लिश बाजार कस्बे के चंदन पार्क स्थित इस केंद्र में अब तक नौ संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है, जिनमें तीन महिलाएं और छह नाबालिग शामिल हैं।

वहीं लगभग 70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला इलाके में भी एक होल्डिंग सेंटर बनाया गया है, जहां एक संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठिए को रखा गया है। मालदा और मुर्शिदाबाद दोनों जिले बांग्लादेश सीमा से सटे मुस्लिम बहुल इलाके हैं।

30 दिन तक रखा जा सकेगा

राज्य गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत संदिग्ध अवैध प्रवासियों को 30 दिनों तक होल्डिंग सेंटर में रखा जा सकेगा।

इस दौरान जिला मजिस्ट्रेट और नामित अधिकारी उनकी पहचान सत्यापित करेंगे, बायोमेट्रिक विवरण जुटाएंगे और रिकॉर्ड को केंद्रीय डेटाबेस में अपलोड करेंगे, जिसके बाद उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।