₹15.48 लाख करोड़ की उधारी से पूंजीगत व्यय को बढ़ावा मिल रहा है.. वित्त सचिव ने बुनियादी ढांचे पर खर्च को लेकर आलोचनाओं का दिया जवाब

भारत की आर्थिक महत्वाकांक्षाएं वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अडिग बनी हुई हैं। राजस्व और वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने स्वीकार किया कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक वृद्धि में मंदी आई है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी विकास दर को तेज करने पर केंद्रित है।

₹15.48 लाख करोड़ की उधारी से पूंजीगत व्यय को बढ़ावा मिल रहा है.. वित्त सचिव ने बुनियादी ढांचे पर खर्च को लेकर आलोचनाओं का दिया जवाब
08-02-2025 - 06:49 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भारत की आर्थिक महत्वाकांक्षाएं वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अडिग बनी हुई हैं। राजस्व और वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने स्वीकार किया कि वैश्विक व्यापार और आर्थिक वृद्धि में मंदी आई है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी विकास दर को तेज करने पर केंद्रित है।

बुनियादी ढांचे पर खर्च को लेकर आलोचनाओं को किया खारिज

बुनियादी ढांचे पर पर्याप्त निवेश न करने की आलोचनाओं को खारिज करते हुए पांडेय ने सरकार की वित्तीय रणनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा:

"हम ₹15.48 लाख करोड़ की जो उधारी ले रहे हैं, वह पूरी तरह से पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में जा रही है।"

उनका कहना है कि सरकार पर्याप्त निवेश कर रही है और यह तर्क गलत है कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में पर्याप्त खर्च नहीं कर रही।

उधारी से महंगाई नहीं बढ़ेगी, बल्कि उत्पादकता बढ़ेगी

पांडेय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की उधारी नीति उत्पादक तरीके से तैयार की गई है, न कि महंगाई बढ़ाने के लिए। उन्होंने कहा:

"हम निवेश के लिए उधार ले रहे हैं, हमारी वित्तीय नीति पूरी तरह से गैर-मुद्रास्फीति वाली (Non-Inflationary) है।"

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य लंबी अवधि में आर्थिक विस्तार सुनिश्चित करना है।

भारत की विकास गति बनी रहेगी

वित्त सचिव ने आश्वस्त किया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहे। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक दबावों के बावजूद भारत की विकास गति को और तेज करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

बजट 2025 में बुनियादी ढांचे पर बड़ा दांव

मोदी सरकार की बजट 2025 की रणनीति इस दृष्टिकोण को और मजबूत करती है। सरकार ने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक खर्च बढ़ाया है, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे और शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं पर।

इस वर्ष के बजट में ₹11.5 लाख करोड़ से अधिक पूंजीगत व्यय के लिए आवंटित किए गए हैं, जिससे आर्थिक सुधार को गति दी जाएगी।

राज्यों के लिए "अर्बन चैलेंज फंड"

राज्यों में पूंजीगत व्यय को और बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने ₹1 लाख करोड़ का "अर्बन चैलेंज फंड" स्थापित करने की घोषणा की है। यह फंड नगरीय विकास से जुड़ी परियोजनाओं की 25% लागत को वहन करेगा।

सरकार की यह मजबूत आर्थिक नीति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि बुनियादी ढांचे को दीर्घकालिक विकास के लिए मुख्य प्रेरक शक्ति के रूप में अपनाया जा रहा है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और राज्यों को सहयोग देने की योजनाएं भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की रणनीति का हिस्सा हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।