इंडस नदी में पाकिस्तान को फिर मिले ₹80,000 करोड़ के सोने के भंडार – भारत का क्या है कनेक्शन?
दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर इंडस नदी में विशाल सोने के भंडार की खोज की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹80,000 करोड़ बताई जा रही है। यह खोज पंजाब प्रांत के अटक जिले में सरकारी सर्वेक्षण के दौरान की गई, जिससे आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को एक बड़ा आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।
नयी दिल्ली। पाकिस्तान ने एक बार फिर इंडस नदी में विशाल सोने के भंडार की खोज की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹80,000 करोड़ बताई जा रही है। यह खोज पंजाब प्रांत के अटक जिले में सरकारी सर्वेक्षण के दौरान की गई, जिससे आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को एक बड़ा आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना का नेतृत्व सरकारी स्वामित्व वाली नेशनल इंजीनियरिंग सर्विसेज पाकिस्तान (NESPAK) और पंजाब के खनन एवं खनिज विभाग द्वारा किया जा रहा है। यह पाकिस्तान के खनन क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
कैसे हुई सोने की खोज?
NESPAK के प्रबंध निदेशक ज़रगम इस्हाक खान ने पुष्टि की कि कंपनी ने "नौ (09) प्लेसर गोल्ड ब्लॉक्स के लिए बोली दस्तावेज तैयार करने और लेनदेन सलाहकार सेवाओं के लिए परामर्श सेवाएं" प्रदान करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम व्यावसायिक सोने के खनन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है।
‘रिवर ऑफ गोल्ड’ का रहस्य
भूवैज्ञानिकों के अनुसार, इंडस नदी हिमालय से बहते हुए सोने के कण अपने साथ लाती है, जो पाकिस्तान में प्लेसर गोल्ड (छोटे सोने के कण या सोने की डली) के रूप में जमा हो जाते हैं। यह सोना लंबे सफर के दौरान घिसकर चपटे या गोल आकार में बदल जाता है।
इतिहास में भी सिंधु घाटी क्षेत्र को प्राकृतिक संसाधनों, विशेष रूप से सोने और अन्य कीमती धातुओं के लिए समृद्ध माना गया है। इस खोज के बाद पाकिस्तान के खनन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुल सकती हैं, खासकर तब जब देश के सोने के भंडार दक्षिण एशिया में सबसे कम माने जाते हैं। दिसंबर 2024 तक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के आंकड़ों के अनुसार, देश के सोने के भंडार की कुल कीमत $5.43 बिलियन थी।
अवैध खनन और सरकारी प्रतिबंध
इस क्षेत्र में सोने के भंडार मिलने की अटकलों के कारण खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के नौशेरा में अवैध खनन की गतिविधियां पहले ही शुरू हो गई थीं। सोशल मीडिया पर सोने की खोज की खबरें वायरल होने के बाद स्थानीय ठेकेदारों ने खनन कार्य शुरू कर दिया था। हालांकि, पंजाब सरकार ने तुरंत हस्तक्षेप कर अवैध खनन पर प्रतिबंध लगा दिया।
भारत का क्या है कनेक्शन?
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस नदी में मिलने वाला सोना हिमालय के भारतीय क्षेत्रों से आता है, जहां से नदी पाकिस्तान तक बहती है। यह सोना भारत की नदियों से बहकर पाकिस्तान की सिंधु नदी में पहुंचता है, जहां यह तलछट के रूप में जमा हो जाता है।
रणनीतिक और आर्थिक प्रभाव
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इन दिनों गंभीर संकट का सामना कर रही है, जिसमें विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और कमजोर मुद्रा जैसी समस्याएं शामिल हैं। ऐसे में अटक प्लेसर गोल्ड प्रोजेक्ट पाकिस्तान के लिए आर्थिक राहत का बड़ा साधन बन सकता है।
अगर यह परियोजना सफल होती है, तो इससे पाकिस्तान की घरेलू सोने की आपूर्ति में वृद्धि होगी और विदेशी सोने के आयात पर निर्भरता कम होगी। हालांकि, परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि खनन की विधि कितनी प्रभावशाली है, सरकारी नियमन कितना मजबूत है और बड़े पैमाने पर खनन के लिए निवेशक कितने आकर्षित होते हैं।
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह खोज पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होती है या फिर यह अवसर यूं ही बर्बाद हो जाता है।
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