स्कूल में उबलती चाय पीने के कुछ घंटों बाद 12वीं के छात्र की मौत, परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित नरेंद्रपुर रामकृष्ण मिशन आश्रम के 12वीं कक्षा के छात्र दिप्तांग्शु महतो की स्कूल में बेहद गर्म चाय पीने के कुछ घंटों बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद छात्र के परिवार ने नरेंद्रपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही..

स्कूल में उबलती चाय पीने के कुछ घंटों बाद 12वीं के छात्र की मौत, परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
02-07-2026 - 09:22 AM

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित नरेंद्रपुर रामकृष्ण मिशन आश्रम के 12वीं कक्षा के छात्र दिप्तांग्शु महतो की स्कूल में बेहद गर्म चाय पीने के कुछ घंटों बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद छात्र के परिवार ने नरेंद्रपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

दिप्तांग्शु के पिता मनोरंजन महतो, जो कलकत्ता हाईकोर्ट में वकील हैं, ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की जान स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण गई।

उन्होंने कहा, "मैंने अपने बेटे को स्कूल प्रशासन की लापरवाही के कारण खो दिया। उन्होंने मुझे आने तक इंतजार क्यों कराया? अगर उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती करा देते और बाद में मुझे सूचना देते, तो शायद उसकी जान बच सकती थी।"

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि छात्र की जांच के लिए बुलाए गए डॉक्टर ने उसे तत्काल अस्पताल भेजने के बजाय घर लौटने के बाद एंडोस्कोपी कराने की सलाह क्यों दी।

मनोरंजन महतो के अनुसार, उनके बेटे के पाचन तंत्र के अंदर गंभीर जलन (इंटरनल बर्न) हो गई थी, जिससे उसे ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी और उसे तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता थी। उनका आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने न तो प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और न ही उन्हें तुरंत इसकी जानकारी दी।

स्कूल से आया फोन, पहुंचने तक बिगड़ चुकी थी हालत

अपनी शिकायत में मनोरंजन महतो ने बताया कि 30 जून को सुबह करीब 11:20 बजे, जब वह हाईकोर्ट में अपने काम में व्यस्त थे, तभी स्कूल से फोन आया कि उनका बेटा अचानक बीमार हो गया है और उन्हें तुरंत स्कूल आने को कहा गया।

वह लगभग दोपहर 1 बजे स्कूल पहुंचे। वहां उन्होंने अपने बेटे को बेहद गंभीर हालत में पाया।

शिकायत के अनुसार, छात्र ठीक से बोल नहीं पा रहा था और लगातार खांस रहा था। स्कूल की ओर से उन्हें बताया गया कि सुबह 9:45 से 10 बजे के बीच उसने फ्लास्क से सीधे बहुत गर्म चाय पी ली थी।

पिता की गोद में हुई बेहोशी

मनोरंजन महतो ने अपनी शिकायत में लिखा कि उन्होंने बड़ी मुश्किल से बेटे और उसका सामान कार तक पहुंचाया।

उन्होंने बताया कि बेटे ने थोड़ा-सा पानी पिया, फिर धीरे-धीरे अपना सिर उनके सीने पर रख दिया और कुछ ही क्षणों में पूरी तरह बेहोश हो गया।

इसके बाद वह उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन उनका आरोप है कि वहां छात्र को भर्ती करने से मना कर दिया गया। इसके बाद वह उसे साल्ट लेक के पास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां आपातकालीन विभाग के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

'फर्श गंदा नहीं करना चाहता था बेटा'

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मनोरंजन महतो ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे से पूछा था कि जब उसे महसूस हो गया था कि चाय बहुत गर्म है, तो उसने उसे बाहर क्यों नहीं थूका।

इस पर बेटे ने जवाब दिया था कि वह फर्श गंदा नहीं करना चाहता था।

भावुक होते हुए उन्होंने कहा, "क्या आप इसकी कल्पना कर सकते हैं? उस समय छात्रों की देखभाल के लिए नियुक्त हाउसमास्टर कहां थे? उन्होंने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई?"

स्कूल ने जारी किया शोक संदेश

मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य स्वामी इष्टेशानंद से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन कॉल और संदेश का कोई जवाब नहीं दिया।

हालांकि, स्कूल की ओर से एक औपचारिक शोक संदेश जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि "अत्यंत दुख और भारी मन के साथ हम अपने प्रिय छात्र दिप्तांग्शु महतो के असामयिक और आकस्मिक निधन की सूचना दे रहे हैं। उनका 30 जून को निधन हो गया। हम ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं तथा ठाकुर, मां और स्वामीजी से प्रार्थना करते हैं कि वे उनके शोकाकुल परिवार तथा इस अपूरणीय क्षति से दुखी हम सभी को शक्ति और धैर्य प्रदान करें।"

छात्रों का विरोध प्रदर्शन, पुलिस जांच जारी

दिप्तांग्शु के दोस्तों ने इस घटना के विरोध में एनआरएस अस्पताल में प्रदर्शन किया और स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मृत्यु (Unnatural Death) का मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

नोट: फिलहाल छात्र की मौत के वास्तविक कारण और स्कूल प्रशासन की किसी भी संभावित लापरवाही को लेकर जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और चिकित्सीय रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।