राष्ट्रमंडल खेल 2026: भारत के लिए एक और स्वर्ण! अरुंधति चौधरी ने महिला 70 किग्रा मुक्केबाजी का खिताब जीता
ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारत की मुक्केबाजी की कहानी हर दिन बेहतर होती जा रही है। अरुंधति चौधरी ने महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जहां उन्होंने इंग्लैंड की चैंटल रीड को सर्वसम्मत निर्णय से..
ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Commonwealth Games 2026) में भारत की मुक्केबाजी की कहानी हर दिन बेहतर होती जा रही है। अरुंधति चौधरी ने महिलाओं के 70 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जहां उन्होंने इंग्लैंड की चैंटल रीड को सर्वसम्मत निर्णय से हराया।
इस जीत ने भारत की लगातार बढ़ती पदक तालिका में एक और स्वर्ण पदक जोड़ दिया है। इसी दिन इससे पहले प्रीति पवार, जैस्मीन लंबोरिया और साक्षी चौधरी ने भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीते। नीचे दिए गए लेख में, आप अरुंधति के सफर, फाइनल में उनके प्रदर्शन और उनके करियर की उपलब्धियों के बारे में जानेंगे।
अरुंधति चौधरी के मैच का संक्षिप्त विवरण
अरुंधति ने उस दर्शकों की भीड़ के सामने यह पदक अपने नाम किया जो उनकी प्रतिद्वंद्वी की हौसलाअफजाई कर रही थी। यहाँ मैच का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
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विवरण |
जानकारी |
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स्पर्धा |
महिला 70 किग्रा मुक्केबाजी |
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स्वर्ण पदक विजेता |
अरुंधति चौधरी (भारत) |
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रजत पदक विजेता |
चैंटल रीड (इंग्लैंड) |
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परिणाम |
सर्वसम्मत निर्णय से जीत (Unanimous Decision Win) |
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प्रतियोगिता |
राष्ट्रमंडल खेल 2026, ग्लासगो |
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स्थान |
स्कॉटिश इवेंट कैंपस (SEC), ग्लासगो |
कौन हैं अरुंधति चौधरी?
अरुंधति 23 वर्षीय मुक्केबाज हैं जो राजस्थान के कोटा से आती हैं। उनके माता-पिता सुरेश और सुनीता चौधरी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई कोटा के स्प्रिंगडेल्स चिल्ड्रन स्कूल से पूरी की। अपने शुरुआती वर्षों में वह बास्केटबॉल खेलती थीं और 15 साल की उम्र में उन्होंने मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) में कदम रखा।
उन्होंने 2016 में राजस्थान स्टेट सब-जूनियर चैंपियनशिप जीतकर मुक्केबाजी में अपने करियर की शुरुआत की। जैसे-जैसे साल बीतते गए, उन्होंने धीरे-धीरे वजन श्रेणियों (वेट कैटेगरी) में वृद्धि की और अपने नाम कई पदक जोड़ती रहीं।
उनके कोच अशोक गौतम हैं और उन्हें खेल संगठन 'ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट' (OGQ) का भी समर्थन प्राप्त है। 2024 में उनकी कलाई की सर्जरी हुई थी, लेकिन इसके बाद वह और अधिक मजबूती से वापस आईं और कई पदक अपने नाम किए।
2026 राष्ट्रमंडल खेलों से पहले की प्रमुख उपलब्धियां
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वर्ष |
टूर्नामेंट |
परिणाम |
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2019 |
खेलो इंडिया यूथ गेम्स |
स्वर्ण (U-17, राजस्थान के लिए मुक्केबाजी में पहला स्वर्ण) |
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2020 |
जूनियर विश्व चैम्पियनशिप |
स्वर्ण (जूनियर विश्व चैंपियन) |
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2021 |
एआईबीए यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप |
स्वर्ण |
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अक्टूबर 2025 |
बीएफआई (BFI) कप, चेन्नई |
स्वर्ण |
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नवंबर 2025 |
विश्व बॉक्सिंग कप फाइनल्स, ग्रेटर नोएडा |
स्वर्ण (70 किग्रा) |
स्वर्ण पदक प्रदर्शन: राउंड-दर-राउंड विश्लेषण
मुक्केबाजी के फाइनल मुकाबले में, अरुंधति का सामना इंग्लैंड की चैंटल रीड से हुआ, जो 2025 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता हैं। पूरे मैच के दौरान रीड को घरेलू दर्शकों का भारी समर्थन मिला। मैच की प्रमुख झलकियां इस प्रकार हैं:
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राउंड |
मुख्य झलकियां |
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राउंड 1 |
दोनों मुक्केबाजों ने बहुत सावधानी से शुरुआत की और काफी काउंटर-पंचिंग देखने को मिली। अरुंधति अधिक शांत दिखीं और उन्होंने स्कोर करने वाले सटीक पंच लगाए। जजों ने इस राउंड में उनके पक्ष में 4-1 का फैसला दिया। |
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राउंड 2 |
रीड ने इस राउंड की शुरुआत में ही अपनी लय खोजने की कोशिश की और एक जोरदार पंच भी लगाया जिससे दर्शकों ने उनका उत्साह बढ़ाया। हालांकि, अरुंधति ने खुद को संभाला और अपने बेहतरीन शॉट्स लगाए। सभी पांच जजों ने यह राउंड अरुंधति के पक्ष में दिया, जिससे मैच पर उनकी पकड़ मजबूत हो गई। |
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राउंड 3 |
अरुंधति का मैच पर पूरा नियंत्रण बना रहा। रीड का अंतिम प्रयास भी उन्हें परेशान नहीं कर सका। अरुंधति ने इस राउंड का अंत बेहद मजबूती से किया और जजों ने उन्हें सर्वसम्मत निर्णय (Unanimous decision) के आधार पर विजेता घोषित किया। इस तरह उन्होंने भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। |
यह स्वर्ण पदक भारत के लिए एक बड़ी जीत है। यह पूरा दिन भारत के लिए मुक्केबाजी के खेल में लगातार स्वर्ण पदकों से भरा रहा। अरुंधति के साथ-साथ, प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मीन लंबोरिया (57 किग्रा) और साक्षी चौधरी (51 किग्रा) ने भी देश के लिए स्वर्ण पदक जीते हैं।
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