नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली कोर्ट शनिवार को यानी आज सुनाएगी आदेश
दिल्ली की एक अदालत शनिवार को यह निर्णय सुनाएगी कि क्या नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं। यह हाई-प्रोफाइल मामला कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस प्रवासी इकाई के प्रमुख सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और अन्य को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत आरोपी के रूप में..
नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत शनिवार को यह निर्णय सुनाएगी कि क्या नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं।
यह हाई-प्रोफाइल मामला कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस प्रवासी इकाई के प्रमुख सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और अन्य को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत आरोपी के रूप में सूचीबद्ध करता है।
7 नवंबर को आदेश रखा गया था सुरक्षित
राउज़ एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने 7 नवंबर को आदेश सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने केस फाइलों की जांच के बाद ED द्वारा दिए गए अतिरिक्त स्पष्टीकरणों पर सुनवाई की थी।
जज ने कहा था, “अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल द्वारा केस फाइलों के निरीक्षण के संदर्भ में आगे प्रस्तुतियाँ और स्पष्टीकरण दिए गए हैं। आदेश 29 नवंबर को सुनाए जाएंगे।” ईडी का आरोप: 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियाँ अवैध तरीके से हासिल की गईं
ED के अनुसार, शीर्ष कांग्रेस नेताओं ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) जो नेशनल हेराल्ड का मूल प्रकाशक था—की 2,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों पर गलत तरीके से नियंत्रण हासिल करने की साजिश रची।
एजेंसी का कहना है कि सिर्फ 50 लाख रुपये का भुगतान करके AJL का नियंत्रण यंग इंडियन (Young Indian) संस्था को स्थानांतरित किया गया, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास अधिकतम हिस्सेदारी है।
दस्तावेज़ों व लेनदेन की अतिरिक्त जांच के बाद निर्णय
अदालत ने पहले कहा था कि लेनदेन दस्तावेज़ों, कथित किराया रसीदों और फंड फ्लो पैटर्न की और विस्तृत जांच की आवश्यकता है, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि अभियोजन की शिकायत PMLA के तहत संज्ञान लेने की कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करती है या नहीं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोपों को बताया ‘अजीब’ और ‘अभूतपूर्व’
जहाँ ED इसे “गंभीर आर्थिक अपराध” और AJL की संपत्तियों पर अवैध कब्जे की साजिश बता रही है, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को “वास्तव में अजीब” और “अभूतपूर्व” बताया है।
एजेंसी का आरोप है कि यंग इंडियन की स्थापना का उद्देश्य बंद हो चुके अखबार के विशाल संपत्ति तंत्र को कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व को व्यक्तिगत रूप से लाभ पहुँचाने के लिए हासिल करना था।
ED ने यह भी दावा किया कि कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता “फर्जी लेनदेन” में शामिल रहे, जिनके निर्देश पर व्यक्तियों ने सालों तक मनगढ़ंत किराया रसीदें जारी कीं और फर्जी एडवांस किराया भुगतान दिखाया।
2012 में उठा था नेशनल हेराल्ड का विवाद
नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को लेकर विवाद 2012 में उस समय सामने आया, जब BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्रायल कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने आरोप लगाया कि AJL के अधिग्रहण की प्रक्रिया में कांग्रेस नेताओं ने धोखाधड़ी और विश्वासघात किया। अदालत का आदेश अब पूरे राजनीतिक परिदृश्य की दिशा तय कर सकता है।
What's Your Reaction?