हिमाचल प्रदेश में मूसलधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही
हिमाचल प्रदेश में हो रही भीषण बारिश ने कहर बरपा दिया है। राज्य के कई हिस्सों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़कों, इमारतों और हाईवे को व्यापक नुकसान हुआ ..
शिमला। हिमाचल प्रदेश में हो रही भीषण बारिश ने कहर बरपा दिया है। राज्य के कई हिस्सों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़कों, इमारतों और हाईवे को व्यापक नुकसान हुआ है। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जिसको देखते हुए लोगों को नदियों और झीलों के पास न जाने की चेतावनी दी गई है।
कालका-शिमला रेलवे मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और पेड़ व चट्टानें गिरने के कारण रेल मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है और सभी ट्रेन संचालन रोक दिए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार के लिए हिमाचल के छह जिलों — ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
इसके अलावा, चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है मौसम में अचानक बदलाव और भारी बारिश/आंधी-तूफान की संभावना।
पिछले 24 घंटे में बारिश का हाल:
IMD शिमला केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने ANI से बात करते हुए बताया कि पिछले 24 घंटे में राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश हुई है।
- सबसे अधिक बारिश पालमपुर में 76 मिमी,
- उसके बाद बंजार में 75 मिमी,
- और सिरमौर में मध्यम दर्जे की 55 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
उन्होंने कहा, "लोगों को नदियों और नालों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि भूस्खलन का जोखिम बना हुआ है।"
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
- 26 और 27 जून: राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कांगड़ा, चंबा और कुल्लू में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना।
- 27 जून: मौसम गतिविधि सोलन, शिमला और सिरमौर में और तेज़ हो सकती है।
- 28 जून: थोड़ी राहत मिलेगी; बारिश में कमी आएगी, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
- 29 और 30 जून: फिर से भारी बारिश लौटेगी।
- ऑरेंज अलर्ट: ऊना, बिलासपुर, सोलन, शिमला और सिरमौर में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी।
वर्तमान स्थिति
- भूस्खलनों से राज्य के कई मार्ग बंद हो चुके हैं।
- ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में संचार व बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
- राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात
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