घरों में काम करने वाली महिला से मंत्री तक का सफर: बंगाल की राजनीति में कल्पना से परे उभरकर सामने आईं कालिता माझी

कभी घरों में घरेलू सहायिका (मेड) के रूप में काम करने वाली 37 वर्षीय महिला ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पद की शपथ लेकर एक नया इतिहास रच दिया। Kalita Majhi का यह सफर न केवल व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत की कहानी है..

घरों में काम करने वाली महिला से मंत्री तक का सफर: बंगाल की राजनीति में कल्पना से परे उभरकर सामने आईं कालिता माझी
02-06-2026 - 10:09 AM

कोलकाता। कभी घरों में घरेलू सहायिका (मेड) के रूप में काम करने वाली 37 वर्षीय महिला ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पद की शपथ लेकर एक नया इतिहास रच दिया। Kalita Majhi का यह सफर न केवल व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत की कहानी है, बल्कि राजनीति में जमीनी स्तर से उभरने का एक अनूठा उदाहरण भी माना जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं ने कालिता माझी की सफलता को पार्टी द्वारा जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की नीति का प्रतीक बताया है।

औसग्राम से मिली बड़ी जीत

पूर्व बर्धमान जिले की Ausgram Assembly Constituency से विधायक कालिता माझी हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे चर्चित विजेताओं में शामिल रहीं। उन्होंने अपने निकटतम तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रतिद्वंद्वी को 12,535 मतों से हराकर जीत हासिल की।

यह मंत्री पद उनके उस लंबे संघर्षपूर्ण सफर का नया पड़ाव है, जिसकी शुरुआत गुसकारा के माझपुकुर पाड़ा इलाके से हुई थी। यहां उन्होंने वर्षों तक घरेलू कामकाज के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

शपथ ग्रहण के बाद कोलकाता स्थित लोक भवन में बातचीत करते हुए कालिता ने कहा, "मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि मेरी जिंदगी इस तरह बदल जाएगी। मैं अपनी पार्टी की आभारी हूं, जिसने हर चरण में मुझ पर भरोसा किया और आगे बढ़ने का अवसर दिया।"

परिवार चलाने के लिए करती थीं घरेलू काम

Guskara नगरपालिका क्षेत्र की निवासी कालिता माझी अपने पति और बेटे के साथ रहती हैं। उनके पति पेशे से प्लंबर हैं।

सक्रिय राजनीति में आने से पहले कालिता परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आसपास के घरों में काम करती थीं। उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।

2021 की हार के बाद भी पार्टी ने जताया भरोसा

कालिता माझी पहली बार चर्चा में तब आईं जब भाजपा ने उन्हें 2021 के विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित औसग्राम सीट से उम्मीदवार बनाया।

हालांकि उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वे दूसरे स्थान पर रहीं, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने उन पर विश्वास बनाए रखा। पार्टी ने 2026 के चुनाव में उन्हें दोबारा टिकट दिया।

पार्टी का यह फैसला सही साबित हुआ। इस बार उन्होंने एक लाख से अधिक वोट हासिल कर सीट को तृणमूल कांग्रेस से छीन लिया।

जिन घरों में काम किया, वहीं से मिला सबसे बड़ा समर्थन

अपने चुनाव अभियान को याद करते हुए कालिता ने कहा कि स्थानीय लोगों और उन परिवारों का समर्थन उनकी जीत में बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिनके घरों में उन्होंने वर्षों तक काम किया था।

उन्होंने कहा, "मेरे क्षेत्र के लोगों ने पूरे चुनाव अभियान के दौरान मेरा साथ दिया। जिन परिवारों के यहां मैंने वर्षों तक काम किया, वे मेरी सफलता से बेहद खुश थे और उन्होंने मुझे लगातार प्रोत्साहित किया। उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहा है।"

गरीबों की समस्याओं को करीब से देखा

कालिता माझी का मानना है कि घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के अनुभव ने उन्हें आम और गरीब लोगों की समस्याओं को बेहद करीब से समझने का अवसर दिया।

उन्होंने कहा, "मैंने आम लोगों के संघर्ष को बहुत करीब से देखा है। मेरी प्राथमिकता बेहतर सड़कें, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सुनिश्चित करना होगी। विकास का लाभ हर घर तक पहुंचना चाहिए, खासकर उन लोगों तक जो वर्षों से उपेक्षित रहे हैं।"

युवाओं और महिलाओं पर रहेगा विशेष फोकस

नई मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन और युवाओं के लिए अवसर पैदा करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

उन्होंने कहा, "मैं युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने पर विशेष ध्यान देना चाहती हूं। चुनाव अभियान के दौरान लोगों ने बार-बार इन मुद्दों को उठाया था।"

अब पूरे बंगाल की जिम्मेदारी

मंत्री बनने के बाद अपनी नई भूमिका पर कालिता माझी ने कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा, "विधायक के रूप में मेरा ध्यान अपने क्षेत्र के विकास पर था, लेकिन अब मुझे पूरे पश्चिम बंगाल के बारे में सोचना होगा। मैं पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम करूंगी।"

"पांच साल बाद भी नहीं बदलूंगी"

कालिता माझी ने यह भी कहा कि सत्ता और पद मिलने के बाद भी उनकी सोच और जीवनशैली नहीं बदलेगी।

उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, "मैं नहीं बदलूंगी। मैं जानती हूं कि जिंदगी क्या होती है और गरीब लोगों को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। मैं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करूंगी। मैं उन्हीं में से एक हूं और अंतिम सांस तक खुद को उन्हीं का हिस्सा मानूंगी।"

प्रमुख तथ्य

विषय

विवरण

नाम

कालिता माझी

उम्र

37 वर्ष

निवास

गुसकारा, पूर्व बर्धमान

पेशा (पूर्व)

घरेलू सहायिका (मेड)

वर्तमान पद

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री

विधानसभा क्षेत्र

औसग्राम (एससी आरक्षित)

जीत का अंतर

12,535 वोट

प्रमुख मुद्दे

सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला सुरक्षा

कालिता माझी की कहानी भारतीय लोकतंत्र में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है। घरेलू कामगार से मंत्री बनने तक का उनका सफर यह दिखाता है कि राजनीति में जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों के लिए भी शीर्ष पदों तक पहुंचने के अवसर मौजूद हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।