“किसके बाप में ताकत है...” — सेट पर देर से पहुंचने के आरोपों पर बोले गोविंदा, बोले- मुझे बदनाम किया गया

बॉलीवुड स्टार गोविंदा ने एक बार फिर उन अफवाहों और नकारात्मक खबरों पर प्रतिक्रिया दी है, जिनमें कहा जाता रहा है कि वे फिल्मों की शूटिंग पर देर से पहुंचते हैं। हाल ही में ‘टू मच विद काजोल एंड ट्विंकल’ शो के एक एपिसोड में गोविंदा ने खुलकर कहा कि उन्हें “जानबूझकर बदनाम” किया गया..

“किसके बाप में ताकत है...” — सेट पर देर से पहुंचने के आरोपों पर बोले गोविंदा, बोले- मुझे बदनाम किया गया
17-10-2025 - 10:02 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

मुंबई।
बॉलीवुड स्टार गोविंदा ने एक बार फिर उन अफवाहों और नकारात्मक खबरों पर प्रतिक्रिया दी है, जिनमें कहा जाता रहा है कि वे फिल्मों की शूटिंग पर देर से पहुंचते हैं। हाल ही में टू मच विद काजोल एंड ट्विंकल’ शो के एक एपिसोड में गोविंदा ने खुलकर कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम” किया गया है।

किसके बाप में ताकत है...” — गोविंदा का जवाब

गोविंदा ने कहा, मुझे बदनाम किया गया कि मैं टाइम पर नहीं आता हूं। मैंने कहा, ‘किसके बाप के अंदर ताकत है कि वो पांच शिफ्ट करे और टाइम पर आए? पॉसिबल ही नहीं है, हो ही नहीं सकता। इतनी ज़्यादा शूटिंग कैसे करेगा आदमी? यहां तो एक पिक्चर में लोग थक जाते हैं।’”

उन्होंने साफ किया कि एक ही दिन में कई फिल्मों की शूटिंग करना आसान नहीं होता, और कई बार देर से पहुंचने के पीछे ऐसे हालात होते हैं जो उनके नियंत्रण में नहीं रहते जैसे ट्रैफिक, लोकेशन बदलाव, या अन्य विभागों की देरी।

गोविंदा ने कहा कि मीडिया और गॉसिप सर्कल्स ने इन मामूली देरी के मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, जिससे उनके पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि मनोरंजन जगत में सम्मान दो-तरफा होना चाहिए” और बिना सोचे-समझे अफवाहें फैलाना किसी के करियर के साथ अन्याय है।

गोविंदा का फिल्मी सफर

गोविंदा का असली नाम गोविंद अरुण आहुजा है। वे बॉलीवुड के सबसे करिश्माई और मनोरंजक कलाकारों में से एक माने जाते हैं, जिनकी कॉमिक टाइमिंग और डांसिंग स्किल्स  ने उन्हें एक अलग पहचान दी।

उन्होंने 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक में इलज़ाम’ (1986), ‘लव 86’ (1986) और इश्क में जीना इश्क में मरना’ (1994) जैसी फिल्मों से लोकप्रियता हासिल की।

निर्देशक डेविड धवन के साथ उनकी जोड़ी ने कई सुपरहिट फिल्में दीं जैसे कूली नं. 1’, ‘हीरो नं. 1’, ‘राजा बाबू’ और पार्टनर’।

कॉमेडी के अलावा, गोविंदा ने कई गंभीर और भावनात्मक भूमिकाओं में भी अपनी अभिनय क्षमता साबित की है।
फिल्मी करियर के तीन दशकों से अधिक समय में उन्होंने बॉलीवुड में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी आखिरी फिल्म रंगीला राजा’ (2019) थी।

गोविंदा का स्पष्ट संदेश है कि मेहनत करने वालों को समझो, सिर्फ अफवाहों से किसी की छवि मत बनाओ।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।