क्या मोदी सरकार अफगानिस्तान के साथ व्यापार रोकने की योजना बना रही है? ईरान हिंसा को लेकर पाकिस्तानी दावों पर केंद्र का जवाब, बताया पूरी तरह झूठा
मोदी सरकार ने उन दावों को सख्ती से खारिज किया है, जिनमें कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने यह दावा किया था कि भारत ने अफगानिस्तान के साथ व्यापार निलंबित कर दिया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि ये दावे पूरी तरह झूठे और निराधार..
नयी दिल्ली। मोदी सरकार ने उन दावों को सख्ती से खारिज किया है, जिनमें कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने यह दावा किया था कि भारत ने अफगानिस्तान के साथ व्यापार निलंबित कर दिया है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा है कि ये दावे पूरी तरह झूठे और निराधार हैं। सरकार के अनुसार, इस संबंध में एक जाली पत्र पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा फैलाया जा रहा है।
कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि ईरान में मौजूदा हालात के कारण भारत ने अफगानिस्तान के साथ व्यापार रोक दिया है।
सरकार ने दावों को किया खारिज
सरकार ने कहा है कि ईरान में स्थिति गंभीर है और इसी का फायदा उठाकर पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने झूठी खबरें फैलानी शुरू कर दीं कि भारत ने ईरान की स्थिति के कारण अफगानिस्तान के साथ व्यापार रोक दिया है।
हालांकि, इन फर्जी दावों की जांच के बाद पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सही तथ्यों को सामने रखकर इनका पर्दाफाश किया।
PIB Fact Check: पत्र फर्जी है
अपने पोस्ट में पीआईबी फैक्ट चेक ने लिखा,
“पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा एक मनगढ़ंत पत्र प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें झूठा दावा किया गया है कि ईरान में बढ़ते तनाव के कारण भारत ने अस्थायी रूप से अफगानिस्तान के साथ अपने व्यापारिक गतिविधियों को निलंबित कर दिया है। यह पत्र पूरी तरह फर्जी है।”
मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान, भारत और अफगानिस्तान के बीच मजबूत होते व्यापारिक संबंधों से चिंतित है।
- वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने अफगानिस्तान को 318.91 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान निर्यात किया।
- इसी अवधि में भारत ने अफगानिस्तान से 689.81 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान आयात भी किया।
- गौरतलब है कि पिछले वर्ष पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर था।
- रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्थल-रुद्ध (लैंडलॉक्ड) अफगानिस्तान ईरान और मध्य एशिया के रास्तों को वैकल्पिक व्यापार मार्ग के रूप में तलाश रहा था।
- संभवतः इसी कारण घबराया हुआ पाकिस्तान इस तरह के फर्जी प्रचार का सहारा ले रहा है।
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