ट्रंप का बड़ा ऐलान: “अन्य देशों के कारण…” — अमेरिका ‘तुरंत’ शुरू करेगा परमाणु हथियारों का परीक्षण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात से पहले घोषणा की कि उन्होंने पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) को निर्देश दिया है कि वह अन्य परमाणु शक्तियों की तरह “बराबरी के आधार पर” परमाणु हथियारों का परीक्षण तुरंत शुरू..
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होने वाली मुलाकात से पहले घोषणा की कि उन्होंने पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) को निर्देश दिया है कि वह अन्य परमाणु शक्तियों की तरह “बराबरी के आधार पर” परमाणु हथियारों का परीक्षण तुरंत शुरू करे।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के पास दुनिया में सबसे अधिक परमाणु हथियार हैं। यह मेरी पहली कार्यावधि के दौरान मौजूदा हथियारों को पूरी तरह अपडेट और आधुनिक बनाकर हासिल किया गया।”
उन्होंने आगे कहा, “इन हथियारों की विनाशकारी शक्ति के कारण मैं ऐसा करना नहीं चाहता था, लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं था! रूस दूसरे स्थान पर है और चीन तीसरे पर, लेकिन वह पांच वर्षों में बराबरी पर आ जाएगा। अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण मैंने रक्षा विभाग को आदेश दिया है कि हमारे परमाणु हथियारों का परीक्षण समान स्तर पर शुरू किया जाए। यह प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी।”
शी जिनपिंग से मुलाकात से पहले ट्रंप का संदेश
ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब वह दक्षिण कोरिया में गुरुवार सुबह शी जिनपिंग से मुलाकात करने जा रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच यह 2019 के बाद पहली बैठक होगी, जिसका उद्देश्य चल रहे व्यापार युद्ध (Trade War) को कम करने की दिशा में बातचीत करना है।
रूस के परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका की प्रतिक्रिया
ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को दावा किया कि रूस ने Poseidon नामक परमाणु-संचालित सुपर टॉरपीडो का सफल परीक्षण किया है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह हथियार समुद्र में रेडियोधर्मी लहरें उत्पन्न कर तटीय क्षेत्रों को तबाह करने की क्षमता रखता है।
रूस ने हाल ही में अपने परमाणु हथियारों के प्रदर्शन में तेजी लाई है —
- 21 अक्टूबर को पुतिन ने नए Burevestnik क्रूज़ मिसाइल के परीक्षण की घोषणा की।
- 22 अक्टूबर को रूस ने न्यूक्लियर लॉन्च ड्रिल्स (परमाणु लॉन्च अभ्यास) भी आयोजित किए।
अमेरिका ने 1992 के बाद नहीं किया है परमाणु परीक्षण
ध्यान देने योग्य है कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने आखिरी बार 1992 में परमाणु परीक्षण किया था। इसके बाद से अमेरिका ने परीक्षणों पर रोक बनाए रखी थी।
अब ट्रंप का यह ऐलान अमेरिका की परमाणु नीति में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है, जिससे वैश्विक परमाणु संतुलन और तनाव दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
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