महाराष्ट्र सरकार की AMRUT संस्थान योजना से मुस्लिम युवाओं को बाहर रखने का आरोप, सपा विधायक ने उठाया मुद्दा

महाराष्ट्र सरकार के AMRUT संस्थान की योजनाओं से मुस्लिम युवाओं को बाहर रखे जाने का मुद्दा उठाते हुए भिवंडी पूर्व से समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए केवल हिंदू उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए..

महाराष्ट्र सरकार की AMRUT संस्थान योजना से मुस्लिम युवाओं को बाहर रखने का आरोप, सपा विधायक ने उठाया मुद्दा
28-06-2026 - 09:40 AM

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार के AMRUT संस्थान की योजनाओं से मुस्लिम युवाओं को बाहर रखे जाने का मुद्दा उठाते हुए भिवंडी पूर्व से समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए केवल हिंदू उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं जबकि ऑनलाइन पोर्टल पर मुस्लिम अभ्यर्थियों के आवेदन जमा ही नहीं हो पा रहे हैं।

विधायक रईस शेख ने अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री अतुल सावे तथा महाराष्ट्र रिसर्च, एडवांसमेंट एंड ट्रेनिंग (AMRUT) संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि संस्थान ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के ओपन कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु 30 जून तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।

उन्होंने कहा कि जब अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन भरने का प्रयास करते हैं, तो उनसे धर्म और जाति संबंधी जानकारी मांगी जाती है। लेकिन पोर्टल पर जाति के विकल्प केवल हिंदू समुदायों के लिए उपलब्ध हैं, जिसके कारण मुस्लिम उम्मीदवार अपना आवेदन सफलतापूर्वक जमा नहीं कर पा रहे हैं।

रईस शेख ने बताया कि इस संबंध में उन्हें बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि AMRUT संस्थान की स्थापना ओपन कैटेगरी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कल्याण के उद्देश्य से की गई थी। अगस्त 2019 में जारी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) में कहीं भी किसी विशेष धर्म का उल्लेख नहीं किया गया है। एक स्वायत्त सरकारी संस्था होने के नाते AMRUT का उद्देश्य ओपन कैटेगरी के विभिन्न समुदायों के लिए कार्य करना है। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया को इस प्रकार सीमित करना नियमों और संस्थान की मूल भावना के विपरीत है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने विभिन्न सामाजिक वर्गों के लिए BARTI, ARTI, SARTHI, महाज्योति (Mahajyoti), MARTI और AMRUT जैसे कई संस्थान स्थापित किए हैं। हालांकि प्रत्येक संस्था का मुख्य फोकस एक विशेष वर्ग पर होता है, फिर भी वे अन्य समुदायों के लोगों को भी प्रशिक्षण और विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराती हैं।

रईस शेख ने कहा कि वर्तमान समय में राज्य के सभी जाति और धर्मों के युवाओं के सामने बेरोजगारी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में AMRUT संस्थान को नियमों की ऐसी व्याख्या नहीं करनी चाहिए, जिससे मुस्लिम युवाओं को कौशल विकास के अवसरों से वंचित होना पड़े।

उन्होंने मांग की कि अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग के मंत्री अतुल सावे यह सुनिश्चित करें कि मुस्लिम युवाओं को इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से किसी भी प्रकार से बाहर न रखा जाए और उन्हें भी समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।