"मुसलमानों के लिए गाय को माता मानना जरूरी नहीं".. कांग्रेस नेता हुसैन दलवई का बयान, राष्ट्रीय पशु दर्जे पर बहस तेज

गाय को "राष्ट्रीय पशु" घोषित करने की मांग को लेकर चल रही बहस के बीच कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मंगलवार को कहा कि कुछ लोग गाय को माता मान सकते हैं लेकिन मुसलमानों के लिए इस विश्वास को स्वीकार करना अनिवार्य नहीं..

"मुसलमानों के लिए गाय को माता मानना जरूरी नहीं".. कांग्रेस नेता हुसैन दलवई का बयान, राष्ट्रीय पशु दर्जे पर बहस तेज
03-06-2026 - 11:37 AM

गाय को "राष्ट्रीय पशु" घोषित करने की मांग को लेकर चल रही बहस के बीच कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने मंगलवार को कहा कि कुछ लोग गाय को माता मान सकते हैं लेकिन मुसलमानों के लिए इस विश्वास को स्वीकार करना अनिवार्य नहीं है।

एक समाचार एजेंसी से बातचीत में दलवई ने कहा कि गाय को लेकर धार्मिक आस्था व्यक्तिगत विषय है और इसे सभी समुदायों पर लागू नहीं किया जा सकता।

"गाय महत्वपूर्ण पशु है, लेकिन सभी उसे माता नहीं मानेंगे"

हुसैन दलवई ने कहा, "पहले गाय को राज्य पशु कहा जाता था और अब उसे माता कहा जा रहा है। अगर मुसलमान एक कदम पीछे हटते हैं, तब भी उन्हें और पीछे धकेलने की कोशिश की जाती है। आप गाय को माता कह सकते हैं, लेकिन हम उसे इस देश का महत्वपूर्ण पशु और राज्य पशु मानते हैं। इसमें गलत क्या है? जिन्होंने उसे राज्य पशु कहा, उन्होंने सही कहा।"

उन्होंने आगे कहा, "आप गाय को माता मान सकते हैं, लेकिन मुसलमान इसे स्वीकार नहीं करेंगे। क्या हर किसी के लिए ऐसा करना जरूरी है? हम भारत को 'भारत माता' कहते हैं। लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़राइल गए थे, तब कथित रूप से उन्होंने इज़राइल को हमारा 'फादरलैंड' कहा था। ऐसी बातें तर्कसंगत नहीं लगतीं।"

योगी आदित्यनाथ का बयान

हाल ही में बिजनौर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था, "गाय हमारी माता है। हमारा उससे वही रिश्ता है जो अपनी मां से होता है। इसे साबित करने की जरूरत नहीं है और न ही इस रिश्ते को किसी नाम या दर्जे की आवश्यकता है।"

उन्होंने आगे कहा, "गोमाता स्वयंभू राष्ट्रमाता हैं, उन्हें किसी से घोषित कराने की जरूरत नहीं है।"

बकरीद के दौरान उठी राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग

योगी आदित्यनाथ का यह बयान उस समय आया जब बकरीद के अवसर पर कुछ प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरुओं ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की थी।

उनका तर्क था कि ऐसा करने से गोहत्या पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और दुग्ध उत्पादन करने वाले इस पशु की पवित्रता और संरक्षण सुनिश्चित होगा।

मुस्लिम धर्मगुरुओं की अपील

देश के कई प्रमुख इस्लामी धर्मगुरुओं और धार्मिक संस्थानों ने मुस्लिम समुदाय से ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर गाय की कुर्बानी न देने की अपील की।

इनमें शामिल हैं..

  • अजमेर दरगाह शरीफ के धर्मगुरु
  • नखोदा मस्जिद के प्रतिनिधि
  • हजरत निजामुद्दीन दरगाह के धार्मिक नेता

अजमेर दरगाह की मांग

सैयद सरवर चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद का विशेष सत्र बुलाकर:

  • गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने,
  • गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने,
  • और गोमांस निर्यात रोकने

की मांग की।

ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश की मांग

ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश ने भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गोमांस निर्यात करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष मोहम्मद जावेद कुरैशी ने आरोप लगाया कि कुछ बीफ निर्यात कंपनियां अवैध पशु वध के जरिए भारी मुनाफा कमा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान व्यवस्थाओं का असर पशुपालकों पर भी पड़ रहा है।

गौ-रक्षा के नाम पर हिंसा पर चिंता

हालांकि, कई धर्मगुरुओं ने बढ़ती "गौ-रक्षा" गतिविधियों को लेकर चिंता भी जताई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वयंभू गौ-रक्षक समूह कानून अपने हाथ में लेकर पशु व्यापारियों को परेशान करते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा होती है।

मुख्य बिंदु

विषय

विवरण

कांग्रेस नेता का बयान

हुसैन दलवई ने कहा कि मुसलमानों के लिए गाय को माता मानना अनिवार्य नहीं

योगी आदित्यनाथ का रुख

गाय को "गोमाता" और "राष्ट्रमाता" बताया

राष्ट्रीय पशु की मांग

कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की

प्रमुख अपील

बकरीद पर गाय की कुर्बानी से परहेज करने का आग्रह

अतिरिक्त मांग

गोहत्या और गोमांस निर्यात पर प्रतिबंध

चिंता का विषय

गौ-रक्षा के नाम पर हिंसा और कथित उत्पीड़न

यह मुद्दा धार्मिक आस्था, पशु संरक्षण, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है। विभिन्न राजनीतिक नेताओं, धार्मिक संगठनों और सामाजिक समूहों के अलग-अलग विचारों के कारण यह बहस राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।