नियंत्रण रेखा पर नजर रखेगा खास ड्रोन, होगा हथियारों से लैस
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मल्टी रोल एडवांस्ड ड्रोन विकसित करने पर काम कर रहा है। यह लंबे समय तक संचालन में सक्षम होगा। इस ड्रोन का उपयोग चीन के साथ लगती सीमाओं सहित अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रणनीतिक अभियानों के लिए किया जाएगा।
इस रोटरी-विंग ड्रोन में मिसाइल और सेंसर सहित 40 किलोग्राम भार ले जाने की क्षमता होगी। इसे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सटे पहाड़ी क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए सशस्त्र बलों की आवश्यकता के मद्देनजर विकसित किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि एचएएल ने अगले साल के मध्य तक मानव रहित विमान (यूएवी) की पहली परीक्षण-उड़ान आयोजित करने का लक्ष्य रखा है और परियोजना के पहले चरण में 60 ऐसे ड्रोन का उत्पादन करने की योजना है।
सेना अगले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में ड्रोन हासिल करने की योजना बना रही है ताकि उनकी निगरानी क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके, विशेष रूप से एलएसी और हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी गतिविधियों की निगरानी के मद्देनजर इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है।
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