पाकिस्तान और चीन की रातों की नीद होने लगी हराम: भारत की तीसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन जल्द होगी शामिल, जानिए पूरी जानकारी

भारत की रक्षा क्षमताओं में एक बड़ी बढ़ोतरी होने जा रही है। भारत की तीसरी परमाणु ऊर्जा से संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) INS Aridhaman को अप्रैल–मई 2026 में नौसेना में शामिल किए जाने की तैयारी..

पाकिस्तान और चीन की रातों की नीद होने लगी हराम: भारत की तीसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन जल्द होगी शामिल, जानिए पूरी जानकारी
20-02-2026 - 11:59 AM

संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) INS Aridhaman को अप्रैल–मई 2026 में नौसेना में शामिल किए जाने की तैयारी है।

फिलहाल भारत के पास दो परमाणु ऊर्जा चालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां मौजूद हैं, INS Arihant (2016 में कमीशन) और INS Arighat (2024/2025 में कमीशन)। INS अरिदमन के शामिल होते ही भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अत्याधुनिक SSBN क्षमता है। यह पनडुब्बी विशेष रूप से Pakistan और China के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती मानी जा रही है।

भारत की तीसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी के पीछे कौन है?

INS अरिदमन का निर्माण देश की निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Larsen & Toubro (L&T) ने किया है। इसे विशाखापत्तनम स्थित अत्यंत गोपनीय Ship Building Centre (SBC) में तैयार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक रक्षा कार्यक्रमों में से एक है।

पाकिस्तान और चीन के लिए INS अरिधमन क्यों है बड़ा खतरा?

INS अरिदमन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बेहद शांत तरीके से समुद्र की गहराइयों में संचालित हो सके और दुश्मन के रडार से बचते हुए उनके इलाकों के पास तक पहुंच सके। युद्ध की स्थिति में यह निगरानी और जवाबी हमले दोनों में सक्षम होगी।

यह पनडुब्बी पारंपरिक अटैक सबमरीन की तुलना में भले ही धीमी हो लेकिन गहरे समुद्र में इसकी गोपनीयता और छिपकर रहने की क्षमता इसे कहीं अधिक घातक बनाती है।

हथियारों की बात करें तो INS अरिदमन में..

  • K-15 बैलिस्टिक मिसाइलें (लगभग 750 किलोमीटर रेंज)
  • और K-4 लंबी दूरी की सबमरीन-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलें (3,000 किलोमीटर से अधिक रेंज)

इन मिसाइलों की वजह से यह पनडुब्बी पाकिस्तान और चीन के बड़े हिस्सों को निशाने पर लेने में सक्षम होगी।

परमाणु ऊर्जा चालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां (SSBN) इतनी खास क्यों होती हैं?

SSBN की सबसे बड़ी ताकत गोपनीयता और अचानक हमला करने की क्षमता होती है।

  • ये पनडुब्बियां बेहद गहराई में जाकर बिना शोर किए लंबे समय तक तैनात रह सकती हैं।
  • परमाणु रिएक्टर से चलने के कारण इन्हें बार-बार सतह पर आने की जरूरत नहीं होती, जिससे इनकी लोकेशन हफ्तों तक गुप्त रह सकती है।
  • सबसे अहम बात यह है कि आमतौर पर इनकी सटीक स्थिति दुश्मन को तब तक पता नहीं चलती, जब तक ये अपनी मिसाइलें दाग न दें।

यही वजह है कि INS अरिधमन जैसी पनडुब्बियां भारत की न्यूक्लियर ट्रायड (थल, जल और वायु से परमाणु हमला करने की क्षमता) को और मजबूत करती हैं और देश की प्रतिरोधक शक्ति को नई ऊंचाई पर ले जाती हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।