पाकिस्तान: जिन्ना अस्पताल का नाम 'मरियम नवाज़' पर रखने पर बवाल, सरकार ने वापस लिया फैसला
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज़ सरकार को जिन्ना इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी का नाम बदलकर मरियम नवाज़ इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवेस्कुलर डिज़ीज़ रखने के फैसले पर जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया और उपहास के बाद ..
लाहौर/नयी दिल्ली। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज़ सरकार को जिन्ना इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी का नाम बदलकर मरियम नवाज़ इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवेस्कुलर डिज़ीज़ रखने के फैसले पर जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया और उपहास के बाद सरकार को यह निर्णय वापस लेना पड़ा।
क्या था मामला?
- पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ख्वाजा सलमान रफीक ने सोमवार को घोषणा की थी कि लाहौर स्थित जिन्ना इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी का नाम बदलकर मरियम नवाज़ इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियोवेस्कुलर डिज़ीज़ रखा जाएगा।
- उन्होंने कहा कि यह संस्थान अब जिन्ना अस्पताल की “एक्सटेंशन यूनिट” न होकर एक स्वतंत्र इकाई बन गया है, इसलिए नया नाम उचित है।
सोशल मीडिया पर उबाल
- पाकिस्तान में मुहम्मद अली जिन्ना को राष्ट्रपिता का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में उनके नाम को हटाकर किसी जीवित राजनेता के नाम पर अस्पताल रखने को लोगों ने “अपमान” और “विश्वासघात” बताया।
- एक यूज़र ने लिखा, "कोई भी राजनेता कायदे-आजम का नाम हटाकर खुद का नाम नहीं रख सकता। यह हमारे हीरो का अपमान है।"
- मजाक में एक यूज़र ने टिप्पणी की, "जल्द ही कराची का जिन्ना मकबरा भी ‘मरियम नवाज़ मकबरा’ बन जाएगा।"
मीम्स और तंज की बाढ़
- पत्रकार फसी ज़का ने लैंडमार्क्स की तस्वीरें पोस्ट कीं जिन पर 'मरियम नवाज़ पिलर' और 'शहबाज़ शरीफ रोड' जैसे नाम लिखे थे।
- किसी ने जिन्ना की जगह मरियम नवाज़ की तस्वीर वाला पाकिस्तानी नोट साझा किया।
- पत्रकार तलत हुसैन ने तंज कसा, "इसे मरियम नवाज़ इंस्टिट्यूट ऑफ कंफ्यूज़ियोलॉजी कहिए।"
- कॉमेडियन शहज़ाद घियास ने लिखा, "अब पंजाब को भी ‘मरियम नवाज़ प्रांत’ घोषित कर दिया जाए।"
सरकार की सफाई और पलटी
- भारी विरोध के एक दिन बाद ही सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट कर कहा, "जिन्ना इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी का नाम बदलने की कोई योजना नहीं है, न ही कोई विचाराधीन प्रस्ताव है।"
PTI और अन्य विरोधियों की प्रतिक्रिया
- PTI की छात्र इकाई इंसाफ स्टूडेंट फेडरेशन ने फेसबुक पर कहा, "मरियम नवाज़ को कायदे-आज़म से जुड़ी किसी चीज़ पर हक नहीं है। अगर इतना ही शौक है, तो खुद के पैसे से नया अस्पताल बनाकर नाम रखें।"
- एक यूज़र ने लिखा, "अब पाकिस्तान में भुट्टो परिवार के पंजाबी संस्करण की शुरुआत हो चुकी है।"
- किसी ने कहा, "मरियम नवाज़ वही तानाशाही दिखा रही हैं, जिसकी वे कभी इमरान खान में आलोचना करती थीं।"
- वकील अनाया खान ने जिन्ना के परिवार की पुरानी तस्वीर शेयर करते हुए तंज कसा, "बॉम्बे में अपनी बहन और बेटी के साथ मरियम नवाज़ बेहद खुश नजर आ रही हैं।"
संक्षेप में
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बिंदु |
विवरण |
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विवादित फैसला |
जिन्ना इंस्टिट्यूट का नाम मरियम नवाज़ पर रखना |
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कारण |
अस्पताल अब स्वतंत्र इकाई बन गया है |
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जन प्रतिक्रिया |
अपमान, विश्वासघात, नार्सिसिज़्म के आरोप |
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सरकार का कदम |
फैसले से पलटी, नाम में कोई बदलाव नहीं होगा |
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राजनीतिक असर |
नवाज़ परिवार पर तानाशाही और अहंकार के आरोप बढ़े |
यह घटना न केवल पाकिस्तान में सत्ता और विरासत को लेकर गहराते विमर्श को उजागर करती है, बल्कि दिखाती है कि देश में जिन्ना को लेकर सांकेतिक सीमाएं (symbolic red lines) कितनी मजबूत हैं। मरियम नवाज़ के लिए यह एक राजनीतिक झटका साबित हुआ है।
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