बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल ने 6 महीने की सजा सुनाई

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल (ICT) ने अदालत की अवमानना के मामले में 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है..

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल ने 6 महीने की सजा सुनाई
03-07-2025 - 12:36 PM

ढाका/नयी दिल्ली बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल (ICT) ने अदालत की अवमानना के मामले में 6 महीने की जेल की सजा सुनाई है।

यह फैसला इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल-1 की तीन सदस्यीय पीठ ने सुनाया, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति मोहम्मद गोलाम मुर्तुज़ा मोजुमदार कर रहे थे। इस मामले में गाइबांधा जिले के गोंबिंदगंज निवासी शकील अकंद बुलबुल को भी दो महीने की सजा सुनाई गई है।

क्या है मामला?

  • पहली बार शेख हसीना को किसी आपराधिक मामले में सजा सुनाई गई है।
  • यह मामला अदालत की अवमानना से जुड़ा है।
  • हसीना पर मानवता के विरुद्ध अपराध में भी आरोप तय किए जा चुके हैं, जिनकी औपचारिक रूप से चार्जशीट जून 2025 में दाखिल की गई थी।

क्या हैं गंभीर आरोप?

ICT के मुख्य अभियोजक मोहम्मद ताजुल इस्लाम ने आरोप लगाया कि "शेख हसीना ने विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुनियोजित कार्रवाई कराई थी, जिसे मानवता के खिलाफ संगठित हमला माना गया है।"

  • संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार,
    15 जुलाई से 15 अगस्त 2024 के बीच बांग्लादेश में करीब 1,400 लोग मारे गए थे।
  • इन मौतों को पूर्ववर्ती अवामी लीग सरकार की दमनात्मक कार्रवाई से जोड़ा गया है।

भारत में हैं शेख हसीना

  • अवामी लीग सरकार के अचानक पतन के बाद
    अगस्त 2024 में शेख हसीना भारत आ गईं।
  • वे नई दिल्ली के एक सुरक्षित स्थान (safe house) में रह रही हैं।
  • शेख हसीना ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
    उनके वकील आमिर हुसैन के मुताबिक, "शेख हसीना इन आरोपों से खुद को बरी करवाने के लिए कानूनी तर्क पेश करेंगी।"

 संक्षेप में

बिंदु

विवरण

सजा

6 महीने की जेल (अवमानना केस में)

अदालत

इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल-1 (ICT)

अन्य आरोपी

शकील अकंद बुलबुल – 2 महीने की सजा

गंभीर आरोप

मानवता के विरुद्ध अपराध, विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ दमन

शेख हसीना की स्थिति

अगस्त 2024 से भारत में, दिल्ली में सुरक्षित आवास में

राजनीतिक पृष्ठभूमि

2024 में देशव्यापी विरोध के बाद अवामी लीग सरकार का पतन

 क्या आगे होगा?

  • ICT में मानवता के विरुद्ध अपराधों की मुख्य सुनवाई अब शुरू होगी।
  • भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
  • शेख हसीना के प्रत्यर्पण (extradition) को लेकर भी कूटनीतिक चर्चा संभव है।

यह घटनाक्रम न केवल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में बड़ा मोड़ है बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी इसका सीधा असर पड़ सकता है

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।