आरएसएस भारत की अमर संस्कृति और आधुनिकीकरण का 'वटवृक्ष': प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को भारत की अमर संस्कृति और आधुनिकीकरण का "वटवृक्ष" बताया, जिसकी विचारधारा और सिद्धांत राष्ट्रीय चेतना की रक्षा के लिए समर्पित हैं।
नागपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को भारत की अमर संस्कृति और आधुनिकीकरण का "वटवृक्ष" बताया, जिसकी विचारधारा और सिद्धांत राष्ट्रीय चेतना की रक्षा के लिए समर्पित हैं।
मोदी ने कहा कि भारत आज "गुलामी की मानसिकता" और गुलामी के प्रतीकों को त्यागकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर, माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट और रिसर्च सेंटर के नए विस्तार भवन की आधारशिला रखने के बाद यह बात कही।
उन्होंने कहा, "हमने गुलामी की मानसिकता से बने दंड संहिता को खत्म कर 'भारतीय न्याय संहिता' लागू की है। हमारा 'वसुधैव कुटुंबकम' (संपूर्ण विश्व एक परिवार है) का मंत्र आज पूरे विश्व में फैल रहा है।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आरएसएस के स्वयंसेवक देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग क्षेत्रों में निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस सेवा का पर्याय है। मोदी ने कहा।,"संघ भारत की अमर संस्कृति और आधुनिकीकरण का 'वटवृक्ष' है। यह वटवृक्ष साधारण नहीं है।"
माधव नेत्रालय और आरएसएस की सेवा भावना
माधव नेत्रालय की स्थापना 2014 में आरएसएस के पूर्व सरसंघचालक माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी। मोदी ने इसे एक ऐसा संस्थान बताया, जो दशकों से समाज की सेवा कर रहा है और गोलवलकर के आदर्शों पर आधारित है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह नया प्रोजेक्ट लोगों के जीवन से अंधकार को दूर करेगा और सेवा की गति को और तेज करेगा। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने का प्रयास
मोदी ने कहा कि सरकार की नीति सबसे गरीब व्यक्ति तक सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की है।
उन्होंने बताया कि "हमारी सरकार के कार्यकाल में देश में संचालित एम्स (AIIMS) की संख्या तीन गुना बढ़ी है। हम देश के लोगों को अधिक और बेहतर डॉक्टर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि "आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों लोगों को मुफ्त चिकित्सा उपचार मिल रहा है।"
आरएसएस की तपस्या और विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आरएसएस की 'संघठन' और 'समर्पण' से भरी तपस्या के 100 वर्षों के परिणाम अब दिख रहे हैं, क्योंकि देश 2047 तक 'विकसित भारत' बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि 1925 से 1947 तक का कालखंड संकटों से भरा था, क्योंकि देश स्वतंत्रता संग्राम लड़ रहा था। अब आरएसएस अपने 100 वर्षों के एक नए पड़ाव में प्रवेश कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "2025 से 2047 का समय हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमारे सामने बड़े लक्ष्य हैं। हमें अगले 1,000 वर्षों के लिए एक मजबूत और विकसित भारत की नींव रखनी है।"
युवाओं की बढ़ती क्षमता और 'मेक इन इंडिया' का प्रभाव
मोदी ने कहा कि आज भारत के युवाओं में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। वे नए स्टार्टअप में नवाचार कर रहे हैं और अपनी विरासत पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "करोड़ों युवाओं ने प्रयागराज में हुए महाकुंभ में भाग लिया, वे 'मेक इन इंडिया' को सफल बना रहे हैं और 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा दे रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा राष्ट्र निर्माण में खेल से लेकर अंतरिक्ष तक हर क्षेत्र में भागीदारी कर रहे हैं।
भारत की वैश्विक भूमिका और मानवीय सहायता
मोदी ने कहा कि हाल ही में म्यांमार में आए भीषण भूकंप के बाद भारत ने 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत वहां सहायता भेजी। उन्होंने कहा कि "कोविड-19 के दौरान भी भारत ने कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध करवाई थी।"
गुड़ी पड़वा, उगादि और नवरात्रि की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने गुड़ी पड़वा, उगादि, नवरात्रि और देशभर में मनाए जा रहे अन्य त्योहारों की भी शुभकामनाएं दीं।
संविधान और आरएसएस का 100वां वर्ष
मोदी ने कहा कि उन्होंने नागपुर में दीक्षाभूमि जाकर डॉ बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी जयंती अगले महीने आने वाली है। उन्होंने कहा कि "इस वर्ष संविधान के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं और आरएसएस अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।"
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता
मोदी ने कहा कि माधव नेत्रालय स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती दे रहा है और उनकी सरकार सभी वर्गों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दे रही है। पीएम मोदी ने कहा, "आयुष्मान भारत योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण हमारी सरकार की नीति है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती दवाएं मिल रही हैं। पिछले 10 वर्षों में ग्रामीण इलाकों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए प्रतिदिन चिकित्सा परामर्श दिया जा रहा है। हमने मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाई है और एम्स संस्थानों की संख्या तीन गुना कर दी है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि "मेडिकल शिक्षा को मातृभाषा में भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी डॉक्टर बन सकें।"
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन
इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि माधव नेत्रालय कई वर्षों से लोगों की भलाई के लिए काम कर रहा है। यह संघ की निस्वार्थ सेवा की विचारधारा से प्रेरित है। उन्होंने कहा, "यह अच्छा नहीं लगता कि लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहें इसलिए आरएसएस के स्वयंसेवकों ने यहां जरूरतमंदों को रोशनी देने का कार्य किया है।"
भागवत ने कहा कि "आरएसएस के स्वयंसेवक खुद के लिए कुछ नहीं मांगते बल्कि समाज के लिए काम करते हैं। सेवा संघ का जीवन मिशन है।"
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