'राफेल्स, ये शब्द बहुवचन में?' : शीर्ष रक्षा अधिकारी ने पाकिस्तान के ऑपरेशन सिंदूर में भारत की हार के दावे को खारिज किया
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को हुए कथित नुकसान पर सवालों से इनकार करते हुए रक्षा सचिव आरके सिंह ने कहा कि यह कहना "गलत है कि भारत के राफेल फाइटर जेट्स को पाकिस्तान ने मार गिराया"। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सैन्य कार्रवाई में भारत की तुलना में पाकिस्तान को कहीं अधिक नुकसान..
नयी दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को हुए कथित नुकसान पर सवालों से इनकार करते हुए रक्षा सचिव आरके सिंह ने कहा कि यह कहना "गलत है कि भारत के राफेल फाइटर जेट्स को पाकिस्तान ने मार गिराया"। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सैन्य कार्रवाई में भारत की तुलना में पाकिस्तान को कहीं अधिक नुकसान हुआ, जिसमें "100 से ज्यादा आतंकियों" के मारे जाने का दावा किया गया।
आरके सिंह ने CNBC-TV18 से कहा, "आपने 'राफेल्स' शब्द बहुवचन में इस्तेमाल किया है, मैं पूरी तरह से आश्वस्त कर सकता हूं कि यह बिल्कुल गलत है। पाकिस्तान को भारत की तुलना में मानव और सैन्य दोनों स्तर पर कई गुना ज्यादा नुकसान हुआ है जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी भी शामिल हैं।"
इंडोनेशिया में रक्षा अताशे के बयान पर सफाई
आरके सिंह का यह बयान उस वक्त आया जब हाल ही में इंडोनेशिया में भारतीय रक्षा अताशे ने यह संकेत दिया कि ऑपरेशन सिंदूर के शुरुआती चरण में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान नष्ट हुए थे। हालांकि बाद में सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि भारतीय सशस्त्र बलों को संघर्ष के दौरान पूरी तरह से संचालन की स्वतंत्रता प्राप्त है और उन पर कोई राजनीतिक पाबंदी नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय नौसेना के कैप्टन शिव कुमार ने इंडोनेशिया में एक सेमिनार में कहा था कि 7 मई की रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और उसी दौरान उसे हवाई नुकसान उठाना पड़ा।
इसके बाद इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा कि कुमार के बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और यह उनकी प्रस्तुति का "भ्रामक" चित्रण है।
दूतावास के मुताबिक, उनकी प्रस्तुति का उद्देश्य यह समझाना था कि भारतीय वायुसेना लोकतांत्रिक राजनीतिक नेतृत्व के अधीन कार्य करती है, जो कि हमारे कुछ पड़ोसी देशों की तरह नहीं है।
यह भी स्पष्ट किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाना था और भारतीय जवाबी कार्रवाई गैर-उकसावे वाली (non-escalatory) थी।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
7 मई को भारत ने पाहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान-नियंत्रित क्षेत्रों में मौजूद आतंकवादी ढांचे पर लंबी दूरी के हथियारों से हमले किए, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया।
इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक भारी सैन्य तनाव और हवाई मुठभेड़ हुई, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने के समझौते के साथ समाप्त हुई।
ये चार दिन भारत और पाकिस्तान जैसे परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देशों के बीच वर्षों में सबसे गंभीर सैन्य टकराव रहे। इसमें दोनों पक्षों की ओर से दर्जनों लड़ाकू विमानों ने भाग लिया।
अब सैन्य विशेषज्ञ और शोधकर्ता यह विश्लेषण कर रहे हैं कि पाकिस्तान के चीन निर्मित सैन्य उपकरण खासतौर पर लड़ाकू विमान और हवाई मिसाइलें, भारत द्वारा किए गए हमलों में फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमानों के मुकाबले कैसा प्रदर्शन कर सके।
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