महाकुंभ के दौरान राम मंदिर दान में हुई सबसे बड़ी चोरी, पुलिस ने ईडी जांच की तैयारी शुरू की

अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि की कथित चोरी के मामले की जांच में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में पता चला है कि सबसे अधिक धनराशि की चोरी महाकुंभ के दौरान..

महाकुंभ के दौरान राम मंदिर दान में हुई सबसे बड़ी चोरी, पुलिस ने ईडी जांच की तैयारी शुरू की
02-07-2026 - 09:10 AM

अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान राशि की कथित चोरी के मामले की जांच में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में पता चला है कि सबसे अधिक धनराशि की चोरी महाकुंभ के दौरान हुई, जब मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण चढ़ावे और दान में अभूतपूर्व वृद्धि हुई थी। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने इसी स्थिति का फायदा उठाकर कथित चोरी की बड़ी साजिश को अंजाम दिया।

सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या पुलिस अब इस मामले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी सहयोग लेने की तैयारी कर रही है और जल्द ही एजेंसी को औपचारिक पत्र भेजा जाएगा।

आठ आरोपी गिरफ्तार, सुनियोजित साजिश का आरोप

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का मानना है कि सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और उन्होंने मंदिर की दान राशि चोरी करने की योजना बनाकर उसे अंजाम दिया।

महाकुंभ के दौरान बढ़े दान को बनाया निशाना

पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी महाकुंभ से पहले भी छोटी-मोटी चोरी की घटनाओं में शामिल रहे थे। लेकिन महाकुंभ के दौरान राम मंदिर में दान और चढ़ावे की मात्रा में भारी वृद्धि होने के कारण उन्होंने बड़े स्तर पर चोरी करने की योजना बनाई।

जांचकर्ताओं का दावा है कि सभी आठ आरोपी मंदिर की दान राशि चुराने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मंदिर में अत्यधिक दान आने की अवधि के दौरान इस पूरी वारदात की योजना कैसे बनाई गई और उसे किस तरह अंजाम दिया गया।

मुख्य साजिशकर्ता के रूप में दो साले चिन्हित

जांच के दौरान पुलिस ने लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को चोरी की सबसे बड़ी रकम के कथित मास्टरमाइंड के रूप में चिन्हित किया है। दोनों रिश्ते में साले बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने दोनों आरोपियों से जुड़ी आधा दर्जन से अधिक संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई है। अब उनकी वित्तीय गतिविधियों, बैंक खातों और संपत्तियों की विस्तार से जांच की जा रही है।

धन के स्रोत और लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड खंगालने के लिए अयोध्या पुलिस ने आयकर विभाग से भी सहयोग मांगा है, ताकि आरोपियों की वित्तीय जानकारी और संपत्ति का सत्यापन किया जा सके।

ईडी और एसबीआई कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से औपचारिक रूप से सहायता मांगी जाएगी।

जांच के दौरान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं उनकी इस कथित अपराध में कोई भूमिका तो नहीं थी।

हालांकि, अधिकारियों ने इस संबंध में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है और मामले की जांच लगातार जारी है।

15 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपेगी एसआईटी

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक का समय दे दिया है।

एसआईटी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए 15 जुलाई तक अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन करते समय स्पष्ट किया था कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक होगी तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई एफआईआर

23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य और लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई थीं।

इन्हीं सिफारिशों के आधार पर 25 जून को श्री राम जन्मभूमि थाना में ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में आठ नामजद आरोपियों सहित कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस अब तक सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।