‘बंगाली बोलने वालों से हो रहा है घुसपैठियों जैसा व्यवहार.. ’: कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी से मुलाकात कर प्रवासी मजदूरों पर हिंसा का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और विशेषकर भाजपा-शासित राज्यों में बंगाली भाषा बोलने वाले लोगों पर हो रहे कथित हमलों का मुद्दा उठाया। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ने इन घटनाओं को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की..
नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और विशेषकर भाजपा-शासित राज्यों में बंगाली भाषा बोलने वाले लोगों पर हो रहे कथित हमलों का मुद्दा उठाया। पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ने इन घटनाओं को रोकने के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं राज्य में सांप्रदायिक तनाव को भड़का सकती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा, “उनका एकमात्र ‘अपराध’ यह है कि वे बंगाली भाषा बोलते हैं, जिसे संबंधित प्रशासन अक्सर यह समझ लेता है कि वे पड़ोसी देश बांग्लादेश से हैं और उन्हें घुसपैठिया मान लिया जाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह विडंबना है कि प्रशासनिक अधिकारी, जिनमें पुलिस भी शामिल है, ‘बांग्लाभाषी’ और ‘बांग्लादेशी’ लोगों के बीच अंतर नहीं करते। बिना कोई अपराध किए उन्हें जेल या डिटेंशन सेंटरों में डाल दिया जाता है, जिससे गंभीर अन्याय होता है।”
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम बंगाल मई 2026 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटा है। हालांकि, अधीर रंजन चौधरी ने इस मुलाकात को राजनीतिक महत्व देने से इनकार करते हुए कहा कि यह “राजनीतिक नहीं” थी।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल में हैं। इस दौरान वह भाजपा के विधायकों (एमएलए), सांसदों (एमपी) और विभिन्न नगर निकायों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बंद कमरे में बैठकें करने वाले हैं। इसके अलावा, उनके राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शीर्ष नेतृत्व से भी मिलने की संभावना है।
सोमवार को राज्य में पहुंचने के बाद अमित शाह ने सॉल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में बैठक कर आगामी चुनावों के मद्देनज़र पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा की।
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