'परमाणु हथियारों में अपग्रेड और चीन से समर्थन': अमेरिका की खुफिया रिपोर्ट में पाकिस्तान की सैन्य महत्वाकांक्षाओं का खुलासा
अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की एक ताज़ा रिपोर्ट ‘2025 वर्ल्ड थ्रेट असेसमेंट’ में पाकिस्तान की सैन्य रणनीतियों और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है..
नयी दिल्ली। अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की एक ताज़ा रिपोर्ट ‘2025 वर्ल्ड थ्रेट असेसमेंट’ में पाकिस्तान की सैन्य रणनीतियों और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान अगले वर्ष परमाणु आधुनिकीकरण, सीमा पार तनाव, और चीन पर निर्भरता को लेकर अपने रुख को और आक्रामक बना सकता है।
यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब भारत और पाकिस्तान ने 10 मई को एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई न करने पर सहमति जताई थी — जो एक पूर्ण युद्ध के खतरे से पीछे हटने का संकेत था।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
1. परमाणु हथियारों में अपग्रेड प्राथमिकता
रिपोर्ट के अनुसार, “आगामी वर्ष में पाकिस्तान की सेना की प्राथमिकताएं रहेंगी – सीमा पर झड़पें, टीटीपी और बलूच उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन, आतंकवाद विरोधी प्रयास, और सबसे अहम परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण।”
2024 में आतंकियों द्वारा पाकिस्तान में 2,500 से अधिक लोगों की हत्या की गई, बावजूद इसके पाकिस्तानी सेना आतंकवाद पर निर्णायक नियंत्रण नहीं रख पाई।
2. पाकिस्तान की चीन पर निर्भरता
रिपोर्ट में कहा गया, “चीन पाकिस्तान का प्रमुख रक्षा भागीदार बना हुआ है। दोनों देश साल भर में कई संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं — जैसे कि नवंबर 2024 में एक नया एयर एक्सरसाइज किया गया।”
- पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के लिए सामग्री और तकनीक मुख्य रूप से चीन से आती है।
- इन सामग्रियों को हांगकांग, सिंगापुर, तुर्की और UAE के जरिए ट्रांसशिप किया जाता है।
- हालांकि चीन-पाक आर्थिक गलियारे (CPEC) में लगे चीनियों पर हमले तनाव का कारण बनते जा रहे हैं। 2024 में सात चीनी नागरिक पाकिस्तान में मारे गए।
3. WMD (जनसंहारक हथियार) कार्यक्रम और सुरक्षा
- पाकिस्तान अपने परमाणु जखीरे को अपग्रेड कर रहा है और इसकी सुरक्षा, कंट्रोल और कमांड सिस्टम को मजबूत बनाए हुए है।
- रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और बिचौलियों के जरिए WMD-संबंधी वस्तुएं प्राप्त करता है।
4. भारत को 'अस्तित्व का खतरा' मानता है पाकिस्तान
“पाकिस्तान भारत को अपने अस्तित्व के लिए खतरा मानता है और उसकी पारंपरिक सैन्य क्षमता को संतुलित करने के लिए बैटलफील्ड न्यूक्लियर वेपन (युद्धक्षेत्र परमाणु हथियार) विकसित कर रहा है।”
भारत को यह मान्यता मिलती है कि वह पारंपरिक युद्ध शक्ति में पाकिस्तान से कहीं आगे है।
5. ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ को भारत ने किया खारिज
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को सख्त बयान देते हुए कहा, “भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और हम कभी भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेंगे।”
6. पहलगाम आतंकी हमले के बाद सैन्य संघर्ष
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंक से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
- इसके बाद दोनों देशों के बीच मिसाइल, ड्रोन, गोला-बारूद और तोपखाने की गोलाबारी 7 मई से 10 मई तक चली।
- 10 मई को संघर्षविराम की घोषणा हुई।
7. पाकिस्तान-ईरान संबंधों में भी तनाव
- जनवरी 2024 में पाकिस्तान और ईरान ने एक-दूसरे की सीमा में एकतरफा हवाई हमले किए।
- दोनों देश अब तनाव कम करने के लिए उच्च स्तरीय बातचीत कर रहे हैं।
रिपोर्ट कहती है कि क्षेत्र में आतंकवाद, सीमा विवाद और सैन्य आधुनिकीकरण की जटिलताओं ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को अत्यधिक अस्थिर बना दिया है।
निष्कर्ष
अमेरिकी रिपोर्ट यह साफ संकेत देती है कि आने वाले सालों में पाकिस्तान की सैन्य नीति अधिक आक्रामक
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