'हम पीएम मोदी के साथ काम करना चाहते हैं': काकोली घोष दस्तीदार ने ममता की 20 बागी सांसदों के साथ एनडीए (NDA) में शामिल होने का किया ऐलान

कभी ममता बनर्जी की वफादार रहीं और अब उनके नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत के बाद एनसीपीआई (NCPI) की नेता बनीं काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को ऐलान किया कि वह मानसून सत्र से पहले लोकसभा में सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) में शामिल..

'हम पीएम मोदी के साथ काम करना चाहते हैं': काकोली घोष दस्तीदार ने ममता की 20 बागी सांसदों के साथ एनडीए (NDA) में शामिल होने का किया ऐलान
19-07-2026 - 10:49 PM

नयी दिल्ली। कभी ममता बनर्जी की वफादार रहीं और अब उनके नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत के बाद एनसीपीआई (NCPI) की नेता बनीं काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार को ऐलान किया कि वह मानसून सत्र से पहले लोकसभा में सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) में शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि 20 पूर्व टीएमसी सांसद, जिन्होंने एनसीपीआई के तहत एक अलग संसदीय समूह बनाया है, वे भी निचले सदन में पीएम मोदी के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि यह समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के साथ काम करने का इरादा रखता है।

यह घोषणा मई में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा के हाथों करारी हार के बाद टीएमसी से लगातार हो रहे पलायन के बीच ममता के बागी नेताओं के पुनर्गठन में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मीडिया को संबोधित करते हुए काकोली ने कहा कि समूह ने एनडीए का समर्थन करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में काम करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, "हम 20 एआईटीसी (AITC) सांसद एनडीए गठबंधन में शामिल हो रहे हैं। एआईटीसी को छोड़कर, हम एनसीपीआई के साथ जुड़ रहे हैं... हम पीएम मोदी और हमारे गृह मंत्री अमित शाह की पहलों का समर्थन करते हुए एनडीए के साथ काम करना चाहते हैं और राष्ट्र-निर्माण के उनके काम में शामिल होना चाहते हैं। हमने सर्वदलीय बैठक में कहा था कि हम साथ मिलकर काम करेंगे। हमारे 20 लोगों के समूह में 8 महिलाएं हैं, और सरकार जो भी मुद्दे उठाएगी, हम उस पर सरकार के साथ खड़े रहेंगे।"

एनसीपीआई संसदीय दल की बैठक के बारे में बोलते हुए काकोली ने कहा कि समूह का ध्यान मानसून सत्र के दौरान रचनात्मक भागीदारी पर होगा।

उन्होंने आगे कहा, "5-6 विधेयकों पर चर्चा और बहस होगी... हर किसी को बहस करनी चाहिए, लेकिन हमें सदन का समय बर्बाद नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे देश और जनता का भारी नुकसान होता है। राष्ट्रहित और लोगों की प्रगति के लिए, हम आगामी मुद्दों पर बहस करेंगे, चाहे वे करों (टैक्स) से संबंधित हों या जन्म और मृत्यु के पंजीकरण से, लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सदन सुचारू रूप से चले। हमने इसी बात पर चर्चा की है।"

यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के भीतर एक अभूतपूर्व बगावत के बीच सामने आया है। सत्ता में 15 साल रहने के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली इस पार्टी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

एक ओर जहां रितब्रत बनर्जी पार्टी नेतृत्व की इच्छा के खिलाफ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर दावा पेश करके पार्टी संगठन के भीतर बगावत का चेहरा बनकर उभरे हैं, वहीं काकोली घोष दस्तीदार ने भी लोकसभा में टीएमसी सांसदों के एक बड़े वर्ग को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे से अलग कर लिया है। बागी गुट ने तब से खुद को एनसीपीआई के साथ जोड़ लिया है और अब वह संसद में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दे रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।