शिष्या से दुष्कर्म मामले में ढोंगी संत आसाराम आजीवन कारावास की सजा
<p><em>यौन शोषण के आरोप में राजस्थान के जोधपुर की जेल में बंद आसाराम को अब अहमदाबाद की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस बार उन्हें गांधीनगर सेशन कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश डीके सोनी ने<strong> </strong>अहमदाबाद के मोटेरा स्थितआश्रम की शिष्या के साथ दुष्कर्म के मामले में यह सजा सुनाई है।</em></p>
बता दें कि पीड़ित शिष्या ने वर्ष 2013 में आसाराम सहित 7 अन्य के विरुद्ध अक्टूबर 2013 में एफआईआर दर्ज कराई थी। एक दिन पहले कोर्ट ने इस मामले में अन्य छह आरोपियों को निर्दोष करार देते हुए आसाराम पर आरोप तय किए थे और उसे ही दोषी माना था। अपनी शिष्या से दुष्कर्म का यह मामला वर्ष 2001 का है। आसाराम की शिष्या रही पीड़ित ने कुल सात लोगों के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से इस मामले की सुनवाई गांधीनगर की सेशन कोर्ट में चल रही थी। सेशन कोर्ट ने 29 जनवरी को इस मामले में अन्य छह आरोपियों को निर्दोष करार देते हुए आसाराम बापू को दोषी करार दिया था।
कोर्ट ने यौन शोषण के आरोप में जोधपुर में सजा काट रहे आसाराम को सेक्शन 342, 357, 376, 377 के तहत दोषी करार दिया पाया था। इस मामले की एफआईआर अहमदाबाद के चांदखेड़ा थाने में दर्ज की गई थी। इसके बाद इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी ने आसाराम समेत छह अन्य के खिलाफ जनवरी, 2014 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 101 गवाहों के बयान भी दर्ज किए थे।
दर्ज रिपोर्ट में पीड़िता के अनुसार गुरुपूर्णिमा के दिन आसाराम ने उसे वक्ता के रूप में चुना था। इसके बाद आसाराम के फार्महाउस शांति वाटिका में उसे बुलाया गया। आश्रम का एक अन्य व्यक्ति उसे आसाराम के फार्म हाउस ले गया। जहां आसाराम ने हाथ-पैर धोकर उसे कमरे के अंदर बुलाया। बाद में एक कटोरी घी मंगवाने को कहा। इसके बाद आसाराम ने सिर की मालिश करने को कहा। मालिश करते समय ही आसाराम ने गंदी हरकतें करना शुरू कर दीं। शिष्या ने भागने की कोशिश की लेकिन आसाराम ने उसे समर्पण करने को मजबूर किया। इसके बाद आसाराम ने दुष्कर्म के बाद अप्राकृतिक दुष्कर्म भी किया।
उल्लेखनीय है कथित संत आसाराम दुष्कर्म के एक अन्य मामले में जोधपुर जेल में सजा काट रहा है। कोर्ट ने 16 साल की बच्ची के दुष्कर्म के मामले को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पिछले 10 साल से जेल में बंद आसाराम की उम्र 80 साल से ज्यादा हो चुकी है। पिछले दिनों आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी। इसमें आसाराम ने कोर्ट से उम्र को देखते हुए जमानत की अर्जी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया था। सूरत दुष्कर्म मामले में सजा के ऐलान के बाद आसाराम की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
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