Jaya Ekadashi : बुधवार, 1 फरवरी को है जया एकादशी ; जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का समय
<p>Jaya Ekadashi :</p> <p>माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी भी कहा जाता है। जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के समस्त दुख, दर्द समाप्त हो जाते हैं। इसके प्रभाव से उसे सभी प्रकार के ऐश्वर्य मिलते हैं। इस बार यह व्रत 1 फरवरी 2023 को आ रहा है। इस दिन बुधवार भी होने से विशेष योग बन रहा है।</p> <h3>जया एकादशी का शुभ मुहूर्त और योग व्रत पारण का समय:</h3> <p>इस वर्षा जया एकादशी सर्वार्थ सिद्धि योग में पड़ने जा रही है। सर्वार्थ सिद्धि योग 1 फरवरी को सुबह 7 बजकर 10 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन रात 3 बजकर 23 मिनट पर होगा।<strong>इस समय में भगवान विष्णु का ध्यान करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होगी और इस शुभ मुहूर्त में रखा गया एकादशी का व्रत व्यक्ति को अक्षत पुण्य और असंख्य सुखों की प्राप्ति कराएगा। </strong> मान्यता है कि इस योग में किया गया काम सदैव सफलता का सूचक बनता है और व्यक्ति का रुका हुआ काम भी पुनः चल पड़ता है। </p> <p><strong><a href="https://www.newsthikana.com/post/jaya-ekadashi-then-read-this-fast-story-get-blessings-of-lord-vishnu--rv71718">यह भी पढ़ें </a>:</strong></p> <p><strong><a href="https://www.newsthikana.com/post/jaya-ekadashi-then-read-this-fast-story-get-blessings-of-lord-vishnu--rv71718">जया एकादशी के दिन व्रत रख रहे हैं तो जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा भगवान विष्णु का आशीर्वाद</a></strong></p> <quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal>
Jaya Ekadashi :
जया एकादशी का व्रत पारण समय
एकादशी को रखा गया व्रत हमेशा द्वादशी तिथि को ही पूर्ण करना चाहिए। द्वादशी तिथि 2 फरवरी की पड़ने जा रही है। ऐसे में सुबह 7 बजकर 9 मिनट से सुबह 9 बजकर 19 मिनट के बीच में आप व्रत पारण कर सकते हैं। साथ ही ये भी बता दें कि द्वादशी तिथि का समापन 2 फरवरी को शाम 4 बजकर 26 मिनट पर होगा।
जया एकादशी का महत्व
जया एकादशी को मुक्ति का द्वार कहा जाता है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति जया एकादशी का व्रत रखता है उसे मृत्यु के पश्चात पिशाच योनी से मुक्ति मिल जाती है और यहां तक कि उस पर आजीवन मां लक्ष्मी की कृपा बरसती रहती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद भी उस व्यक्ति को प्राप्त होता है। उस व्यक्ति के सभी कष्ट मिट जाते हैं और उसे ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
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