J&K Terrorist Encounter : लश्कर -ए-तैयबा के आतंकी को भारतीय सुरक्षा बल ने किया ढेर, रक्षामंत्री पहुंचे राजोरी
<p><em>जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना है कि जी20 बैठक सफल होगी । बारामूला एनकाउंटर के एसएसपी आमोद अशोक नागपुरे ने बताया कि बारामूला में छिपे आतंकियों को बड़ा आतंकी हमला करने की साजिश रची गई थी। </em></p>
उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में शनिवार सुबह आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है।पुलिस ने बताया कि बारामूला के करहामा कुंजर इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई है और सुरक्षा बल आतंकियों को करारा जवाब दे रहे हैं।
उस इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। हालांकि, जब सुरक्षाबलों ने आतंकियों से सरेंडर करने को कहा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।
एसएसपी अमोद अशोक नागपुरे ने बारामूला एनकाउंटर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मारा गया आतंकी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले का रहने वाला था और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था।
एसएसपी ने कहा कि आगामी जी20 बैठक को देखते हुए सुरक्षा बलों ने शिखर सम्मेलन के सुचारू रूप से आयोजित होने को सुनिश्चित करने के लिए आतंकवाद विरोधी अभियान तेज कर दिया है।
नवीनतम मुठभेड़ों पर टिप्पणी करते हुए, बारामूला के एसएसपी ने कहा कि चूंकि बल और खुफिया जानकारी हाई अलर्ट पर है, समय पर जानकारी उन्हें आतंकवादियों को सफलतापूर्वक बेअसर करने में मदद कर रही है।
उन्होंने कहा कि मारे गए आतंकवादी को जी20 बैठक से पहले एक बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने का काम सौंपा गया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए जम्मू कश्मीर पहुंच गए हैं। उनका जम्मू हवाई अड्डे पर एलजी मनोज सिन्हा, उत्तरी कमान प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने आगवानी की। इसके बाद वह सीधे राजोरी के लिए निकल गए।जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थितियों की समीक्षा करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे चुके हैं। कश्मीर समेत जम्मू संभाग में इन दिनों सेना के कई ऑपरेशन चल रहे हैं। घाटी में जी20 शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। इस बीच यह दौरा अहम माना जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के जंगल कंडी इलाके में 5 मई को आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे और एक मेजर घायल हो गया था।पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। PAFF जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन से संबद्ध है।
गौरतलब है कि पिछले डेढ़ साल में आतंकवाद प्रभावित कश्मीर घाटी की तुलना में पुंछ और राजौरी जिलों में सेना के जवानों की अधिक हत्याएं हुई हैं।
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