परीक्षा में नक़ल करने और कराने वालों की अब खैर नहीं, लोकसभा में पेपर लीक/धोखाधड़ी के खिलाफ विधेयक पारित 

<p>सरकार ने लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ बिल पास कर दिया है। सरकार ने आज सोमवार को सदन में इसका प्रस्ताव पेश किया। यह परीक्षा प्रश्न पत्र लीक करने के दोषी लोगों को दंडित करने के लिए पेश किया गया एक नया विधेयक है। सरकार ने स्कूल, कॉलेज और सरकारी नौकरियों सहित परीक्षाओं के लिए सख्त प्रावधान पेश किए हैं, दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।</p>

परीक्षा में नक़ल करने और कराने वालों की अब खैर नहीं, लोकसभा में पेपर लीक/धोखाधड़ी के खिलाफ विधेयक पारित 
06-02-2024 - 07:43 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

केंद्र ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और फर्जी वेबसाइटों जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सोमवार को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया, जिसमें न्यूनतम तीन साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने सहित सख्त दंड का प्रावधान रखा गया है। 

वर्तमान में, केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन में शामिल विभिन्न संस्थाओं द्वारा अपनाए गए अनुचित तरीकों या किए गए अपराधों से निपटने के लिए कोई विशिष्ट ठोस कानून नहीं है। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2024 में किसी व्यक्ति, व्यक्तियों के समूह या संस्थानों द्वारा किए गए अपराध के रूप में "प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी के लीक होने", "सार्वजनिक परीक्षा में अनाधिकृत रूप से किसी भी तरीके से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उम्मीदवार की सहायता करने" और "कंप्यूटर नेटवर्क या कंप्यूटर संसाधन या कंप्यूटर सिस्टम के साथ छेड़छाड़"  का उल्लेख है। 

जितेंद्र  सिंह ने यह भी कहा कि यह विधेयक संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), रेलवे, बैंकिंग भर्ती परीक्षाओं और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित सभी कंप्यूटर-आधारित परीक्षाओं को कवर करेगा।

प्रस्तावित कानून छात्रों को निशाना बनाने के लिए नहीं है, बल्कि संगठित गिरोहों, माफिया तत्वों और कदाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा और उनके साथ मिलीभगत करने वाले सरकारी अधिकारियों को भी नहीं बख्शा जाएगा।

लोकसभा  में पास होने के बाद इस विधेयक को अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा और वहाँ से भी  मंजूरी मिलने पर इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहमति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।जिनकी हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जायेगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।