मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़ा बयान... अगले बजट में लेकर आएंगे ऐसी शानदार योजनाएं
<p><em><strong>जयपुर में जेईसीसी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका परिषद् (राजीविका) की ओर से आयोजित सखी सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मैंने घोषणाओं में कमी नहीं रखी और अब चुनाव आने वाले हैं तो सोच रहा हूं घोषणाएं करने की जगह आगे के लिए गारंटी देना शुरू कर दूं। सरकार बनते ही बजट में शानदार योजनाएं लाकर गारंटी को पूरा करूंगा। </strong></em></p>
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर कहा कि पहले महिलाओं के सरपंच बनने पर सारा काम पति संभालते थे, लेकिन अब महिलाएं मीटिंग में आती हैं तो घूंघट ऊपर हो जाता है और सरपंच, प्रधान, प्रमुख बनी महिलाओं ने पति से कहना शुरू कर दिया कि आप घर जाकर बैठिए, हम काम संभाल लेंगी। गहलोत जयपुर में जेईसीसी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका परिषद् (राजीविका) की ओर से आयोजित सखी सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने राजीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद भी किया। कार्यक्रम में प्रदेश भर से राजीविका स्वयं सहायता समूहों की करीब 20 हजार प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
महिलाओं को 700 करोड़ रुपए से अधिक के चेक सौंपे
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 700 करोड़ रुपए से अधिक के चेक सौंपे। उन्होंने कहा कि अनिवार्य एफआईआर से महिलाओं पर अत्याचारों में कमी आई है। मुख्यमंत्री ने समर्थ सखी योजना, इंदिरा रसोई योजना (ग्रामीण), एकीकृत खेती क्लस्टर (आईएफसी) कार्यक्रम एवं डिजिटल सखी योजना का शुभारंभ किया, वहीं द्मशाबास सखीद्य प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम को ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री रमेश चन्द मीणा, मुख्य सचिव उषा शर्मा ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं
- उड़ान योजना के अंतर्गत बांटे जाने वाले सेनिटरी नैपकिन राजीविका से खरीदे जाएंगे।
- ग्रामीण क्षेत्र में 1000 इंदिरा रसोइयों का संचालन राजीविका समूहों को सौंपा जाएगा।
- राजीविका से जुड़ी महिलाओं का मानदेय 15 प्रतिशत बढ़ेगा।
- राजीविका से जुड़ी महिलाओं को 1000 करोड़ रुपए का ब्याजमुक्त ऋण।
- राजीविका से जुड़ी महिलाओं को अब स्कूटी के लिए ब्याज मुक्त ऋण।
यह बोलीं महिलाएं
- डूंगरपुर से अरुणा आर्य: 2 लाख से अधिक सेनिटरी पैड स्कूलों में वितरित किए। सोयाबीन-गेहूं के आटे से लड्डू बनाकर नवाचार किया है।
- उदयपुर से रेखा मेघवाल: अपने काम से मिले आत्मविश्वास से घूंघट प्रथा से मुक्ति पाई है।
- जोधपुर से गीता देवी: स्वयं सहायता समूह ने 2 हजार किलोग्राम बाजरे के बिस्किट तैयार किए हैं।
- उदयपुर से राधा देवी: पहले घूंघट में रहती थी, अब राजीविका समूह की अध्यक्ष हूं।
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